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- Allegations Of Family Of Corona Victim Ayushman Card In Hospital Refused Treatment, Issued Video And Asked For Help From CM
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भोपालएक मिनट पहले
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राजधानी के चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की मनमानी में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के तहत इलाज करने से मना करने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। लगातार दूसरे दिन सोमवार को अन्य मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर आयुष्मान योजना से इलाज से मना करने का आरोप लगाया है। इससे पहले रविवार को भी एक परिजन ने इसी तरह का आरोप लगाया था। कलेक्टर ने इसकी जांच के आदेश भी दिए हैं।
विदिशा निवासी योगेंद्र रघुवंशी ने वीडियो जारी कर कहा, वह शुक्रवार को अपनी 70 वर्षीय दादी सरजू बाई रघुवंशी को भर्ती कराने चिरायु अस्पताल लेकर आया था। यहां आयुष्मान कार्ड से उनका इलाज करने से मना कर दिया गया। योगेन्द्र ने कहा कि वह आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आयुष्मान कार्ड के तहत दादी का इलाज कराने में मदद की गुहार लगाई है।
बता दें, एक दिन पहले ही रविवार को योगेश बलवानी ने चिरायु अस्पताल पर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करने का आरोप लगाया गया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें अस्पताल का मैनेजर गौरव बजाज कहता है कि अस्पताल के मालिक डॉ. अजय गोयनका के अनुसार आयुष्मान कार्ड कोविड मरीजों के इलाज में स्वीकार नहीं होगा।
हालांकि मामले पर डॉ. अजय गोयनका ने वीडियो का खंडन कर मैनेजर गौरव बजाज को एनजीओ का व्यक्ति बता दिया था। साथ ही, कहा था कि 6 मई के बाद अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का आयुष्मान कार्ड के तहत मुफ्त इलाज हो रहा है। अब दूसरे मामले ने गोयनका के बयान और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉ. अजय गाेयनका ने वीडियो का खंडन किया था
वहीं, चिरायु मेडिकल काॅलेज के मालिक ने डॉ. अजय गोयनका ने इस मामले में वीडियो जारी कर सफाई दी है। गोयनका का कहना है, ‘वीडियो वायरल करने वाले लड़के की मां 19 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती है। सरकार का आदेश 7 मई को आया। इसके बाद से चिरायु मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान के तहत आने वाले लाभार्थियों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मुझे खेद है कि एक सोशल वर्कर ने जो बात मेरे नाम से कही है, वह गलत है। चिरायु मेडिकल कॉलेज में योजना के तहत मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। योजना से संबंद्ध पीरियड तक वह मरीजों को इलाज उपलब्ध करवाते रहेंगे। मैं वीडियो का खंडन करता हूं।’
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
वहीं, भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने मामले में चिरायु अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। इसमें अस्पताल प्रबंधन से मामले में तीन दिन में जवाब देने को कहा है। लवानिया ने कहा कि अस्पताल की तरफ से प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।