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जबलपुर13 मिनट पहले
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सिटी अस्पताल के कारनामें के बाद भागने लगे मरीज।
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में सिटी अस्पताल सरबजीत मोखा पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एसआईटी ने मामले में सरबजीत मोखा की पत्नी जसमीत और मैनेजर सोनिया खत्री को नाेटिस देकर तलब किया है। वहीं मोखा के फरार बेटे हरकरण की तलाश में एसआईटी की टीम दबिश देने में जुटी है।
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक पुलिस रिमांड पर लिए गए देवेश चौरसिया और इंदौर में गिरफ्तार प्रखर कोहली ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में सरबजीत मोखा के बेटे हरकण का नाम लिया है। इसके बाद से एसआईटी टीम हरकरण की तलाश में जुटी है। उधर, 19 मई तक एसआईटी द्वारा रिमांड पर लिए गए देवेश चौरसिया से कई अहम खुलासे हुए हैं। मैनेजर सोनिया के बारे में पता चला है कि वह मोखा के हर राज की साझेदार है। 2014 से मोखा ने उसे फ्लैट दे रखा है।
एसआईटी की टीम ने मैनेजर सोनिया व पत्नी काे नोटिस देकर बुलाया
एसआईटी टीम ने सरबजीत की खास राजदार सिटी अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री और उसकी पत्नी जसमीत मोखा को नोटिस देकर शाम को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था। दोनों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। सोनिया ने बताया कि सात मई को आधारताल आशा नगर निवासी सपन जैन की गिरफ्तारी के बाद रात में उसने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन देवेश के माध्यम से ही सरबजीत मोखा के घर भिजवाए थे। यहां मोखा दंपती द्वारा उसे नष्ट करने की बात सामने आई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस दोनों को इस मामले में गिरफ्तार भी कर सकती है।
500 रेमडेसिविर इंजेक्शन मोखा ने मंगवाए थे
एसआईटी की अब तक पूछताछ में पता चला है कि मोखा ने 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगवाए थे। इसमें सपन जैन ने 465 इंजेक्शन मोखा को दिए और 35 इंजेक्शन स्वयं रख लिए थे। इसमें से कुछ इंजेक्शन के वायल आदि जब्त किए गए हैं। जबकि मोखा के बेटे हरकरण सिंह की मार्च से मई के बीच में कई बार इंदोर व सूरत में आरोपियों से बातचीत हुई है। यही कारण है कि एसआईटी इस मामले में हरकरण सिंह को भी आरोपी बना सकती है।
460 मरीजों के नाम आए सामने
एएसपी रोहित काशवानी के मुताबिक 20 अप्रैल के बाद अब तक सिटी अस्पताल में 460 कोविड संक्रमितों का इलाज हुआ। इसमें से कई लोग ठीक हुए हैं। वहीं कुछ की मौत भी हुई है। ऐसे सभी मरीजों और उनके परिजनों से एसआईटी बयान दर्ज करने में जुटी है। कई परिजन खुद एसआईटी के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुंच रहे हैं।
एसआईटी में शामिल सीएसपी भारद्वाज संक्रमित
एसआईटी में शामिल ओमती सीएसपी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उनकी जगह सीएसपी गोहलपुर अखिलेश गौर को शामिल किया गया है। सीएसपी अखिलेश गौर के आने के बाद जांच की गति और तेज हुई है। कोरोना संक्रमित मोखा के भी ठीक होने के बाद एसआईटी उसे पीआर पर लेगी। वहीं गुजरात में गिरफ्तार सपन जैन को भी प्रोडक्शन वारंट पर एसआईटी लाएगी।
गुजरात पुलिस के आवेदन पर मोखा ने लगाई आपत्ति-
सपन जैन की गिरफ्तारी के बाद गुजरात पुलिस ने मोखा को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए जबलपुर कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया है। गुजरात पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले जाना चाहती है ताकि इंजेक्शन के कारोबार में कुछ और जानकारी हासिल की जा सके। गुजरात पुलिस के आवेदन पर मोखा की तरफ से आपत्ति लगाई गई है। आपत्ति में कहा गया है कि गुजरात में नकली इंजेक्शन को लेकर हुई एफआइआर में मोखा का नाम दर्ज नहीं है इसलिए प्रोडक्शन वारंट पर रोक लगाई जाए।
मरीजों को हुई थी एलर्जी, डॉक्टरों ने की थी शिकायत.
एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना के कुछ मरीजों को नकली इंजेक्शन लगने के बाद एलर्जी हुई थी। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने प्रबंधन से इस बात की शिकायत की थी। जिसके बाद इंजेक्शन का उपयोग मरीजों पर बंद कर दिया गया था।
रिकॉर्ड से की गई छेड़छाड़, सबूत मिटाने रचा षडयंत्र
सिटी हॉस्पिटल से जब्त दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सबूत मिटाने के लिए उनमें छेड़छाड़ की गई। कोरोना संक्रमित कई मरीजों के उपचार संबंधी दस्तावेजों में बड़ी सावधानी से रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग को मिटाने की कोशिश की गई। ऐसे तमाम दस्तावेज एसआइटी ने जब किए हैं जिनमें छेड़छाड़ करने के प्रमाण मिले हैं।