भोजन व्यवस्था: मां के अंतिम संस्कार के बाद भोजन किट के लिए 2.11 लाख रुपए दिए

भोजन व्यवस्था: मां के अंतिम संस्कार के बाद भोजन किट के लिए 2.11 लाख रुपए दिए


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रतलाम4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कोरोना कर्फ्यू में सब श्रद्धा से दान-पुण्य कर रहे हैं। तपस्विनी के देवलोकगमन पर परिवार के लोग अंतिम संस्कार के बाद जैन हेल्प लाइन के पदाधिकारियों के पास पहुंचे और 2.11 लाख रुपए दिए। उन्होंने मां के देवलोकगमन पर कार्यक्रम नहीं करते हुए राशि सेवा में देना का निर्णय लिया। तपस्विनी पिस्ताबाई कनकमल सराफ जिन्होंने 24 मासक्षमण व कई तपस्या की थी। बेटे मुकेश सराफ, राकेश सराफ ने परिजन के साथ मिलकर निर्णय लिया कि आगे उनकी स्मृति में कोई कार्यक्रम नहीं करते हुए जैन हेल्पलाइन द्वारा भोजन व कीट वितरण जैसे सेवा कार्यो में राशि दी जाए।

मोहन टॉकीज 2.11 लाख रुपए महेंद्र गादिया को दिए। उनके साथ कमल मारवाड़ी व परिजन आदि मौजूद रहे। सेवा भारती व जैन हेल्पलाइन के कार्यकर्ता भोजन वितरण में लगे हैं। श्री ओसवाल पंचांन बड़े साथ की सेवा स्थान के रूप में मिल रही है।

बच्चे भी दे रहे सेवा : हेल्प लाइन द्वारा रोजाना 1100 पैकेट भोजन बंटवाया जा रहा

जैन हेल्प लाइन अस्पताल, नर्सिंग होम, उपचाररत परिवारों के साथ कई बस्तियों में भोजन किट भेजती है। 1100 पैकेट व टिफिन बांटे जा रहे हैं। यहां सभी कार्यकर्ता निरंतर सेवा दे रहे हैं। साथ ही हाटीराम दरवाजा निवासी छोटे-छोटे बच्चे पैकेट पैक करवा रहे हैं। बच्चों में प्रमुख पर्व पीपाड़ा, भव्य भरगट, पर्व सोनी, ईशान सुराणा, कार्तिक जैन, मोहित पावेचा व टीम सेवा दे रहे हैं। अर्थ सहयोगियों का सहयोग निरंतर मिल रहा है। वे अब एक एक दिन की राशि का खर्च दे रहे हैं। मंगलवार को केसर बाई नेमचंद कोठारी परिवार द्वारा महेंद्र कोठारी ने परिवार की ओर से भोजन मिठाई के साथ वितरण करवाया। भेरूलाल चोरड़िया की स्मृति में सुनील चौरड़िया, दशरथ बाफना, सुशील गोरेचा द्वारा एक दिन का खर्च दिया गया।

खबरें और भी हैं…



Source link