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भोपाल9 मिनट पहले
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पूर्व मंत्री उमंग सिंघार। सोनिया अपने बेटे आर्यन के साथ।
- बेटे ने फिर दोहराया कि उमंग सिंघार के खिलाफ FIR पुलिस को वापस लेना चाहिए
मध्यप्रदेश के पूर्व वन मंत्री और गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार और उनकी महिला मित्र सोनिया भारद्वाज के बीच घटना से दो दिन पहले विवाद हुआ था। इसी से गुस्सा होकर सिंघार घर से निकल गए थे। दो दिन तक उनके बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हुई। इसी गुस्से का जिक्र सोनिया ने मरने से पहले लिखे अपने सुसाइड नोट लिखा है। इसका खुलासा नौकरों के बयानों में हुआ है। हालांकि सोनिया के बेटे आर्यन ने एक बार फिर सिंघार पर उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR वापस लेने की मांग की है। फिलहाल पुलिस भी इस मामले में सिंघार की गिरफ्तारी करने से बच रही है।
पुलिस के अनुसार सोनिया ने 16 मई की शाम करीब 4 बजे कमरे में फांसी लगाई थी। पुलिस को घटना की सूचना करीब साढ़े 4 मिली थी। पूछताछ में सामने आया कि दो दिन पहले यानी शुक्रवार को सोनिया और सिंघार के बीच विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद सिंघार घर से बाहर निकल गए थे। उसके बाद उनके बीच संपर्क नहीं हुआ।
सिंघार ने भी बयान में सोनिया से अंतिम बार घटना से दो दिन पहले ही करना बताया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह सोनिया को घर पर अकेला छोड़कर क्यों गए थे? इधर पुलिस पूछताछ में नौकरों ने बताया कि उसके बाद से सोनिया ज्यादा तनाव में थीं। नौकरों ने उन्हें घर से बाहर भी निकलते नहीं देखा था।
पुलिस ने इस कारणों को बनाया आधार
ASP राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि सुसाइड के लिए कोई एक कारण नहीं होता है। एक-एक घाटनाओं को जोड़ना होता है। सोनिया ने मरने से पहले सुसाइड नोट में गुस्से का जिक्र किया। इसी गुस्से के कारण दोनों के बीच अंतिम बार साथ में होने पर विवाद की पुष्टि नौकरों ने की।
सोनिया के मानसिक तनाव का इलाज कराए जाने की भ पुष्टि हो चुकी है। बेटे आर्यन ने भी सोनिया के तनाव में रहने की बात कही थी। ऐसी ही तमाम कारणों को देखते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बनाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। अब उनके सुसाइड नोट को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। वहां से पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिंघार की गिरफ्तारी से बच रही पुलिस
पुलिस इस मामले में अभी गिरफ्तारी से बच रही है। यह वही राजधानी पुलिस है, जिसने डीएसपी स्तर के पुलिस अफसर पर सिर्फ परिजनों के बयान पर हात्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया था, जबकि उनकी प्रेमिका ने सुसाइड नोट में किसी तरह का कोई जिक्र नहीं किया था। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। करीब 12 दिन बाद उन्होंने खुद ही सरेंडर कर दिया था। हालांकि सिंघार मामले में पुलिस ने अब तक न तो कोई गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और न ही सिंघार फरार ही हैं। इन्हीं सब के कारण सिंघार को अग्रिम जमानत लेने में आसानी हो सकती है।