Last Updated:
Vermicompost: छतरपुर के किसान चितरंजन चौरसिया पिछले 20 सालों से कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट खाद बना रहे हैं. वे बताते हैं कि घर पर ही जीरो खर्च में जैविक खाद तैयार की जा सकती है.
हाइलाइट्स
- कंपोस्ट खाद बनाने में 6 महीने लगते हैं.
- वर्मी कंपोस्ट 90 दिनों में तैयार होती है.
- कंपोस्ट खाद बनाने में कोई खर्च नहीं आता.
Compost Khad. अगर आप अपने खेतों में रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करना चाहते है, तो घर बैठे ही जीरो खर्च में ऐसी खाद तैयार कर सकते हैं, जिससे खेतों की फसलें रासायनिक खाद से बच जाती हैं. 20 साल से कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट खाद बना रहे किसान चितरंजन चौरसिया बताते हैं कि मैंने छतरपुर जिले के 300 गांवों कि भ्रमण किया है, ताकि किसान भाईयों को इन खाद के बारे में जानकारी दे सकूं, जिससे उन्हें डीएपी और यूरिया जैसी रासायनिक खाद न खरीदनी पड़ें. बता दें, किसान चितरंजन चौरसिया को कृषि क्षेत्र में अच्छा काम करने के लिए गुजरात ओर मध्यप्रदेश सरकार से सम्मानित भी हो चुके हैं.
किसान चितरंजन बताते हैं कि कंपोस्ट खाद बनाने के लिए सबसे पहले 5 फुट या 10 फुट का गहराई का गढ्ढा खोदना चाहिए. अपनी आवश्यकता अनुसार गढ्ढा खोद सकते हैं. पिट बनाकर भी कंपोस्ट खाद तैयार कर सकते हैं.
पिट या गढ्ढे में गलने वाली चीजों को डाल दें
गढ्ढा खोदने के बाद गोबर, पत्ता, चारा और नरवाई, साथ ही अन्य गलने वाली चीजें भी डाल सकते हैं. इसके बाद पानी का छिड़काव कर दें. हमें कंपोस्ट खाद जल्दी तैयार करनी है तो डिकंपोजर का उपयोग भी कर सकते हैं. इससे जल्दी खाद तैयार होती है. गड्ढे में गोबर, पत्ता, चारा और नरवाई डालने के बाद इसमें डिकंपोजर या पानी का छिड़काव करने के बाद इस गढ्ढे को ऊपर से मिट्टी से ढंक दें.
किसान चितरंजन बताते हैं कि इस कंपोस्ट खाद को बनाने में लगभग 6 महीने का समय लगता है. 6 महीने में कंपोस्ट खाद बनकर बिल्कुल तैयार हो जाती है. इन 6 महीनों में आपको कुछ नहीं करना हैं. इस खाद को बनाने में मेहनत नहीं लगती है. साथ ही इसमें कोई लागत नहीं लगती है.
ऐसे तैयार होती है वर्मी कंपोस्ट
वहीं वर्मी कंपोस्ट या केंचुआ खाद को बनाने में पहले गोबर इकट्ठा करना होता है, फिर उसे गीला करना होता है. इसके बाद केंचुआ डालते हैं. 90 दिन में ये खाद तैयार हो जाती है. केंचुआ खाद बनाने में आपको पैसे खर्च करने होते हैं. वहीं कंपोस्ट खाद बनाने में जीरो खर्च आता है. हालांकि, केंचुआ खाद बनाना भी आसान होता है. दोनों ही खाद किसानों के लिए बेहतर हैं.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked … और पढ़ें