Last Updated:
Monsoon Entered in Satna: मौसम विभाग ने 18 जून को मानसून आने की घोषणा कर दी थी. वहीं लोकल 18 को जानकारी देते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि असम से लेकर दक्षिण पंजाब तक ट्रफ लाइन उत्तरी मप्र होते हुए झारखंड के पास निम्न दवाब का क्षेत्र बना हुआ है. इसी प्रभाव के चलते सतना व मैहर जिले में 48 घंटे तक गरज-चमक और बूंदाबांदी के साथ धीमी तेज बारिश की संभावना जताई गई.
मानसून के प्रवेश के 24 घंटे के भीतर ही सतना जिले में गुरुवार रात से गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश हुई. शुक्रवार सुबह तक बादलों की चादर छाई रही और रिमझिम फुहारों ने मौसम को सुहाना बना दिया.

मौसम विभाग ने सतना और मैहर जिले के लिए आगामी 48 घंटों तक यलो अलर्ट जारी किया है. विशेषज्ञों के अनुसार ट्रफ लाइन के प्रभाव से अगले दो दिन गरज-चमक और बूंदाबांदी के आसार हैं.

खरीफ फसलों जैसे धान, सोयाबीन, मक्का, मूंग, उड़द की बुवाई का सही समय मानसून के साथ आता है. शुरुआती बारिश ने खेतों में नमी ला दी है जिससे किसान बिना देरी के बुवाई शुरू कर सकते हैं.

बारिश के चलते खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहने से ट्यूबवेल, बोरिंग और डीज़ल पंप का उपयोग कम होगा. इससे किसानों की सिंचाई लागत में भारी कटौती होगी.

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.0 डिग्री दर्ज किया गया. सुबह की नमी 67% और शाम को 54% रही, जिससे गर्मी की तीव्रता थोड़ी कम महसूस हुई.

मानसूनी बारिश शुरू होते ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आंखमिचौली शुरू हो गई है. खासकर शहरी इलाकों में मेंटेनेंस टीम बहाली में जुटी रही , वहीं लोग उमस से बेहाल दिखे.

बारिश के बीच शहर के आधे से अधिक वार्डों में सड़क रेस्टोरेशन और सीवर का काम अधूरा पड़ा है. नतीजतन कई जगहों पर पानी भरे गड्ढों में वाहन फँसते नजर आए, वहीं कई जगह इससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ.

बारिश के साथ बढ़ी समस्याओं को देखते हुए नागरिकों ने बिजली और सड़क मरम्मत को लेकर स्थानीय प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है. सोशल मीडिया पर भी शिकायतों की बाढ़ आ गई है.