बालाघाट में शासकीय विधि महाविद्यालय के नाम से फैकल्टी ऑफ लॉ में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने को लेकर एनएसयूआई ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया।
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दरअसल, जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अब तक चल रहे लॉ-संकाय को नए सेशन से शासकीय विधि महाविद्यालय के नाम से प्रवेश पोर्टल में दिखाया जा रहा है।
बारिश में कॉलेज गेट पर चढ़कर किया प्रदर्शन
एनएसयूआई का कहना है कि विधि महाविद्यालय का न तो भवन है और न ही इसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता मिली है। फिर भी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर एलएलबी में 120 सीटें दिखाई जा रही हैं। पीजी कॉलेज को 2028 तक की मान्यता है और शुल्क भी जमा है। लेकिन वेबसाइट पर पीजी कॉलेज में विधि संकाय की एक भी सीट नहीं दिखाई जा रही।
छात्र संगठन ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा
एनएसयूआई ने प्राचार्य अशोक कुमार मराठे को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। मांगें पूरी न होने पर कॉलेज में तालाबंदी की चेतावनी दी गई है। एनएसयूआई ने छात्रवृत्ति न मिलने का मुद्दा भी उठाया है।
प्राचार्य बोले- महाविद्यालय में ही कक्षाएं संचालित की जाएगी
महाविद्यालय प्राचार्य अशोक कुमार मराठे ने बताया कि शासकीय विधि महाविद्यालय की मान्यता को लेकर प्रक्रिया शुरू है। जब तक विधि महाविद्यालय का भवन नहीं बन जाता है, तब तक महाविद्यालय में ही कक्षाएं संचालित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह सभी प्रक्रिया शासन स्तर पर ही की जा रही है। शासन स्तर पर विधि संकाय के प्राध्यापकों की भर्ती भी, विधि महाविद्यालय के नाम से हो रही है। हम विद्यार्थियों का अहित नहीं चाहते है, लेकिन विद्यार्थियों को समझना होगा कि उनके लिए सारी प्रक्रिया की जा रही है।