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बहुत कम ऐसा देखने को मिलता है कि कोई टीम किसी भी टेस्ट की दो पारियों में 800 से ज्यादा रन बनाए और फिर भी टेस्ट मैच हार जाए. भारतीय टीम की तरफ से 5 शतक लगे दोनों पारियों में 835 रन बने फिर भी सीरीज क पहला टेस्ट …और पढ़ें
एक टेस्ट में 5 शतक और 835 रन बानकर हार गई टीम इंडिया, दोषी कौन?
लीड्स से राजीव की रिपोर्ट. पांच दिन के टेस्ट मैच में एक टीम के बल्लेबाज 5 शतक लगा दे टीम दोनों पारियों में 835 रन बना दे. 15 सेशन में 10 सेशन टीम डॉमिनेट करे और उसके बाद टीम हार जाए तो सवाल उठना लाजिमी है. लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर टीम इंडिया मैच हारी या इंग्लैंड ने मैच जीता ये कह पाना बहुत मुश्किल है.
मैदान पर मख्खन लगे हाथ!
फ्लॉप मिडिल ऑर्डर
छोड़ोगें कैच तो कैसे जीतोगे मैच
बल्लेबाजी में दिन खराब हो सकता है, गेंदबाजी में रिदम टूट सकता है पर फील्डिंग में फेल होने पर कोई बहाना नहीं चल सकता. खराब फील्डिंग भी लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की हार का बड़ा कारण बनी. टीम इंडिया ने इस मैच में जैसे अनगिनत कैच छोड़े, अकेले यशस्वी जायसवाल ने ही इस मैच में 4 कैच छोड़े हैं. पहली पारी में हैरी ब्रूक का शून्य के स्कोर पर कैच छूटा था. इसी कैच छूटने का नतीजा रहा कि वो 99 रन बनाकर आउट हुए. ब्रूक जल्दी आउट हो जाते तो भारत पहली पारी में 6 रन के बजाय बड़ी बढ़त हासिल कर सकती थी. वहीं दूसरी पारी में जायसवाल ने 97 के स्कोर पर डकेट का कैच छोड़ा था. उस अहम मौके पर डकेट आउट हो जाते तो पूरा मैच पलट सकता था. कुल मिलाकर एक बात तो साफ हैकि बेहतर क्रिकेट खेल कर टीम इंडिया ने सेशन जीते वहीं मैच मेजबान टीम जीत ले गई.