भारतीय ड्रेसिंग रूम में हुआ धूम धड़ाका, 77 साल में जो नहीं हुआ वो हो गया

भारतीय ड्रेसिंग रूम में हुआ धूम धड़ाका, 77 साल में जो नहीं हुआ वो हो गया


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बहुत कम ऐसा देखने को मिलता है कि कोई टीम किसी भी टेस्ट की दो पारियों में 800 से ज्यादा रन बनाए और फिर भी टेस्ट मैच हार जाए. भारतीय टीम की तरफ से 5 शतक लगे दोनों पारियों में 835 रन बने फिर भी सीरीज क पहला टेस्ट …और पढ़ें

एक टेस्ट में 5 शतक और 835 रन बानकर हार गई टीम इंडिया, दोषी कौन?

लीड्स से राजीव की रिपोर्ट. पांच दिन के टेस्ट मैच में एक टीम के बल्लेबाज 5 शतक लगा दे टीम दोनों पारियों में 835 रन बना दे. 15 सेशन में 10 सेशन टीम डॉमिनेट करे और उसके बाद टीम हार जाए तो सवाल उठना लाजिमी है. लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर टीम इंडिया मैच हारी या इंग्लैंड ने मैच जीता ये कह पाना बहुत मुश्किल है.

लीड्स की लड़ाई में  इंग्लैंड ने पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को 5 विकेट से हरा दिया है. इस मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर 7 शतक और तीन अर्धशतक लगाए और मैच में कुल 1,673 रन बने. यह शुभमन गिल की कप्तानी में भारत पहला टेस्ट मैच खेल रही थी, लेकिन वो पहली परीक्षा में फेल साबित हुए हैं. ये ऐसा इम्तिहान है जहां फेल होने पर दूसरा मौका नहीं मिलता जिसको गिल जितना जल्दी समझ जाए उतना अच्चा है.

मैदान पर मख्खन लगे हाथ!

हेडिंग्ले में हल्लाबोल के इरादे से उतरी टीम इंडिया ने  चौथी पारी में इंग्लैंड के सामने 371 रनों का लक्ष्य रखा था. चौथा दिन खत्म होने तक इंग्लैंड ने बिना विकेट गंवाए 21 रन बना लिए थे. ऐसे में पांचवें दिन 350 रन और बनाने थे. लीड्स के मैदान पर अब तक के इतिहास में सिर्फ 2 बार 350+ का स्कोर सफलतापूर्वक चेज हुआ था. पांचवें दिन 350+ स्कोर चेज कर पाना बहुत बड़ी बात होती है, इस बीच बेन डकेट और जैक क्रॉली सेट हो चुके थे. उनकी 188 रनों की सलामी साझेदारी भारत की जीत की संभावना को कमजोर कर रही थी. ऐसे में कप्तान गिल को फील्डिंग खोल कर मैच का रुख ड्रॉ की ओर मोड़ने की कोशिश करनी चाहिए थी. इंग्लैंड ने चौथी पारी में ताबड़तोड़ अंदाज में 44 चौके और 3 छक्के लगाए जो अंत में मैच में निर्णायक भूमिका निभा गए.

फ्लॉप मिडिल ऑर्डर 

लीड्स की लड़ाई में टीम इंडिया की हार का एक मुख्य कारण लोवर ऑर्डर बल्लेबाजी का ना चलना रहा. पहली पारी में टीम इंडिया ने एक समय सिर्फ 3 विकेट के नुकसान पर 430 रन बना लिए थे. इसके अगले 41 रनों के भीतर भारतीय टीम ने बाकी 7 विकेट गंवा दिए थे. वहीं जब दूसरी पारी आई तब भी लोवर ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप रहा. दूसरी पारी में टीम इंडिया ने एक समय 5 विकेट के नुकसान पर 333 रन बना लिए थे, लेकिन अगले 31 रनों के भीतर बाकी 5 विकेट भी गिर गए. इस तरह भारतीय टीम ने महज 72 रनों के भीतर 13 विकेट गंवा दिए.

छोड़ोगें कैच तो कैसे जीतोगे मैच 

बल्लेबाजी में दिन खराब हो सकता है, गेंदबाजी में रिदम टूट सकता है पर फील्डिंग में फेल होने पर कोई बहाना नहीं चल सकता.  खराब फील्डिंग भी लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया की हार का बड़ा कारण बनी. टीम इंडिया ने इस मैच में जैसे अनगिनत कैच छोड़े, अकेले यशस्वी जायसवाल ने ही इस मैच में 4 कैच छोड़े हैं. पहली पारी में हैरी ब्रूक का शून्य के स्कोर पर कैच छूटा था. इसी कैच छूटने का नतीजा रहा कि वो 99 रन बनाकर आउट हुए. ब्रूक जल्दी आउट हो जाते तो भारत पहली पारी में 6 रन के बजाय बड़ी बढ़त हासिल कर सकती थी. वहीं दूसरी पारी में जायसवाल ने 97 के स्कोर पर डकेट का कैच छोड़ा था. उस अहम मौके पर डकेट आउट हो जाते तो पूरा मैच पलट सकता था. कुल मिलाकर एक बात तो साफ हैकि बेहतर क्रिकेट खेल कर टीम इंडिया ने सेशन जीते वहीं मैच मेजबान टीम जीत ले गई.

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