मध्य प्रदेश में गाय को लेकर सियासत शुरू हो गई है. (File Photo )
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By-Election) से पहले कांग्रेस और बीजेपी (Congress & BJP) के नेता वोटर्स को साधने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. इसके तहत ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
पूर्व मंत्री सिंह का कहना है कि पिछली सरकार ने प्रति मवेशी खर्च होने वाली राशि को ₹3.30 से बढ़ाकर ₹20 करने का फैसला लिया था. पिछली सरकार में 1000 गौशालाओं के निर्माण को मंजूरी दी गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने विभाग का बजट घटाकर एक करोड़ 60 लाख कर दिया है. साथ ही गाय के चारे में भी बड़ी कटौती की है.
आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री सिंह ने गाय और गौशाला के बजट में कमी के मुद्दे पर सरकार को गिरते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कांग्रेस पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार ने 3000 गौशाला बनाने का ऐलान किया था, लेकिन 1000 गौशालाओं का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है और अब शिवराज सरकार गौशालाओं का निर्माण करने का काम करेगी. विभाग के बजट को लेकर मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा है कि बजट को लेकर वित्त मंत्री से चर्चा हुई है और गौशालाओं के लिए बजट की कमी नहीं रहने दी जाएगी.ये भी पढ़ें: कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार ग्वालियर आ रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया, धमाकेदार एंट्री की तैयारी कर रही BJP
कांग्रेस के लिए राजनीति का मुद्दा
न्यूज़18 से बातचीत में प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा है कि गाय और गौशाला कांग्रेस के लिए राजनीति का मुद्दा रहा है, लेकिन बीजेपी गाय और गौशालाओं के मुद्दे पर हमेशा गंभीर रही है और शिवराज सरकार गौशालाओं के निर्माण से लेकर गाय के चारे और उनके रखरखाव को लेकर पर्याप्त इंतजाम करेगी. गौशाला में गायों के रखरखाव पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया जाएगा. बहराल प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में पंचायत स्तर पर गौशाला बनाए जाने का ऐलान किया था. कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के साथ ही पहले चरण में 1000 गौशाला में बनाए जाने का ऐलान किया था, लेकिन अब सत्ता बदलने के बाद गाय और गौशाला का मुद्दा एक बार फिर से गर्म हो उठा है.