इस मंदिर को कहा जाता है तांत्रिको का विश्वविद्यालय, लगता है देशभर के तांत्रिकों का मजमा, पूरी होती है हर मुराद!

इस मंदिर को कहा जाता है तांत्रिको का विश्वविद्यालय, लगता है देशभर के तांत्रिकों का मजमा, पूरी होती है हर मुराद!


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Chausath Yogini Temple Ujjain: उज्जैन में एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है, जो तंत्र सिद्धि के लिए विशेष माना जाता है. इस मंदिर को तंत्र की देवी के नाम से भी जाना जाता है.

उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन में कण-कण में शिव का वास है. यहां शिव के साथ शक्ति भी विराजमान है. ऐसा ही एक प्रसिद्ध मंदिर उज्जैन के नयापूरा क्षेत्र में देखने को मिलता है, जो तंत्र सिद्धि के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां आम श्रद्धालु के साथ-साथ तंत्र क्रिया से जुड़े तांत्रिक भी माता की भक्ति करने आते हैं. यह मंदिर चौंसठ योगिनी के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है. बता दें कि 26 जून से गुप्त नवरात्रि शुरू होने वाली है. इसमें तंत्र क्रिया का विशेष महत्व रहता है. तांत्रिक अपनी शक्तियों को बढ़ाने के लिए इस मंदिर में कई पूजा व अनुष्ठान करते हैं.

प्राचीन काल से यह मंदिर यहां विद्यमान है. यह योगिनियां देवी का ही स्वरूप हैं. चौसठ योगिनी माता मंदिर में यूं तो वर्षभर ही दर्शन-पूजन के लिए भक्त आते रहते हैं और भक्तगण अपनी मुराद पूरी होने पर मां को प्रसाद चढ़ाते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती है. इस दौरान यहां सैकड़ों श्रद्धालु आकर मां के दर्शन करते हैं.

मंदिर का इतिहास

इस मंदिर की स्थापना राजा विक्रमादित्य ने कराई थी. वैसे तो प्रतिदिन यहां सैकड़ों तांत्रिक साधना सिद्ध करने के लिए आते हैं. चौसठ योगिनियों के कई जगह मंदिर हैं, लेकिन मप्र में तीन बड़े मंदिरों में जबलपुर के भेड़ाघाट पर नर्मदा किनारे पहाड़ी पर किलेनुमा और चंबल संभाग में चौसठ योगिनियों के मंदिर हैं. तीसरा प्रमुख मंदिर उज्जैन का है, जो राजा विक्रमादित्य के कार्यकाल का है.

साधना सिद्ध करने आते हैं तांत्रिक

मंदिर के पुजारी पंडित मनीष व्यास ने बताया कि माता चौसठ योगिनी को तांत्रिक देवी कहा जाता है और तंत्र साधना के लिए यह स्थान अत्यंत विशेष महत्व रखता है. नवरात्रि पर्व पर वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठ और महाअष्टमी पर हवन किया जाएगा. साथ ही गुप्त नवरात्रि में यहां पंडित बंगाल और असम के साथ देश ही नहीं विदेशों के भी तांत्रिक उज्जैन आते हैं और माता का आशीर्वाद लेते हैं.

संतान की कामना लेकर पहुंचते हैं भक्त

पुजारी मनीष व्यास के अनुसार दुनिया भर के तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने मंदिर आते हैं. दिन हो या रात नवरात्र के दौरान यहां हवन चलता रहता है. यहां खासकर असम और पश्चिम बंगाल के तंत्र साधक आते हैं. मंदिर में विशेष रूप से पुत्र प्राप्ति के लिए पूजन किया जाता है. कई तरह की मनोकामना लिए हर रोज माता के भक्त दर्शन को आते हैं. नवरात्र में तांत्रिकों के माध्यम से यहां पूजन करवाते हैं.

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