मानसून में नहीं होना चाहते ‘डेंगू’ का शिकार, तो जल्दी से करें ये 10 जरूरी उपाय; खुद के बच्चों को रखें सुरक्षित

मानसून में नहीं होना चाहते ‘डेंगू’ का शिकार, तो जल्दी से करें ये 10 जरूरी उपाय; खुद के बच्चों को रखें सुरक्षित


Last Updated:

Tips&Tricks: मानसून में बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है, जिससे डेंगू फैलता है, जिससे लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.

हाइलाइट्स

  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें.
  • इंसेक्ट रिपेलेंट और वेपोराइजर का उपयोग करें.
  • घर के आस-पास पानी न इकट्ठा होने दें.

मानसून भले ही बहुत जरूरी बारिश लाता है, लेकिन यह जगह-जगह पानी भी बढ़ाता है, जिससे मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श परिस्थितियां बनती हैं और डेंगू जैसी बीमारियों में वृद्धि होती है. मानसून में मच्छरों का आतंक बढ़ने लगता है. इसके पीछे की वजह से जगह-जगह बारिश की वजह से पानी इकट्ठा होना और मौसम में बदलाव आना. इसलिए एक जगह जमा हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं और मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है. इसलिए इस मौसम में मच्छरों द्वारा फैलने वाली बीमारियां, जैसे डेंगू होने का रिस्क काफी ज्यादा रहता है.

रीवा के कई हिस्सों से डेंगू के मामले भी देखने और सुनने को मिल रहे हैं. हाल ही में, डेंगू की वजह से एक पांच वर्ष के बच्चे की मौत की खबर भी सामने आई है. इसलिए सुरक्षित रहने के लिए इस बीमारी के बारे में सभी जरूरी जानकारियां होनी महत्वपूर्ण है. वहीं आज हम डेंगू के लक्षण और उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे.

रीवा सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर अक्षय श्रीवास्तव के मुताबिक, डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाली एक बीमारी है, जो ज्यादातर ट्रॉपिकल और सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में होता है. यह एक वायरल इन्फेक्शन है, जो मच्छरों के Aedes प्रजाति के जरिए फैलता है. इन संक्रमित मच्छरों के काटने से डेंगू का वायरस हमारे शरीर में प्रवेश करता है, जिसके कारण हम संक्रमित हो जाते हैं.

क्या हैं डेंगू के लक्षण?

तेज बुखार तेज
सिर दर्द मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द
त्वचा पर रैशेज
आंखों में दर्द
मितली पेट में दर्द या ऐंठन
ब्लीडिंग
थकान चिड़चिड़ापन
ग्लैंड्स में सूजन
नाक या मसूड़ों से खून आना
त्वचा का रंग पीला पड़ना या त्वचा ठंडी पड़ना
बेचैनी
बार-बार प्यास लगना.

इसलिए इन मच्छरों दिन में भी बचने की जरूरत होती है. इनसे बचने के लिए-

मच्छर ज्यादातर हाथ-पैरों पर काटते हैं, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना जरूरी है.
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, दिन में भी मच्छरदानी में ही सोएं,ताकि मच्छर दूर रहें.
ज्यादा सुरक्षा के लिए इंसेक्ट रिपेलेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
मॉस्क्यूटो रिपेलेंट, कॉइल या वेपोराइजर का इस्तेमाल करें,ताकि मच्छर आपके घर में न आएं.
खिड़की और दरवाजों पर जाली लगाकर रखें, ताकि मच्छर और अन्य कीड़े भीतर न आएं.
अपने घर के आस-पास पानी न इकट्ठा होने दें, ताकि मच्छर अंडे न दे सकें.
अपने घर के कूलर का पानी बदलते रहें, ताकि उनमें मच्छर अंडे न दें.
पानी भरने के बरतनों को रोज साफ करें और उन्हें ढककर रखें.
पानी की टंकी की हर हफ्ते सफाई करें.
घर के आस-पास कचरा न इकट्ठा होने दें और साथ ही, कूड़ेदान को ढककर रखें.
घर में स्वीमिंग पूल है, तो उसकी भी नियमित सफाई जरूरी है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked … और पढ़ें

homelifestyle

मानसून में नहीं होना चाहते ‘डेंगू’ का शिकार, तो जल्दी से करें ये 10 जरूरी उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link