रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र की सांसद अनीता नागर सिंह चौहान ने खेती के प्रति अपना लगाव दिखाया है। रविवार को वह अलीराजपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ खेत में उड़द की फसल से चारा निकालते हुई नजर आईं।
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ग्राम डोबलाझिरी की रहने वाली अनीता चौहान संसद और लोकसभा क्षेत्र की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेती कार्य में समय निकालती हैं। इससे पहले भी उन्हें खेत में बीज बोते हुए देखा गया था।
सांसद बोलीं- खेती-बाड़ी हमारा मुख्य पेशा
सांसद चौहान का कहना है कि राजनीति में आने से पहले से ही वह खेती कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नेता के रूप में सामाजिक सेवा करने के साथ-साथ खेती-बाड़ी उनका मुख्य पेशा और आय का स्रोत है।
उन्होंने युवाओं से खेती में रुचि लेने की अपील की है। उनका मानना है कि गरीबी दूर करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए सभी को कुछ समय खेती में लगाना चाहिए।
सहज व्यवहार के लिए सांसद को जाना जाता है
सांसद अनीता चौहान मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी हैं। वह दो बार जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं। क्षेत्र में उन्हें सरल और सहज व्यवहार के लिए जाना जाता है।
शिक्षा की बात करें तो वह सेज यूनिवर्सिटी इंदौर से पीएचडी कर रही हैं और 2019 में इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ से एलएलएम की डिग्री प्राप्त कर चुकी हैं।