इटारसी15 मिनट पहले
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शासकीय गर्ल्स कॉलेज में वर्ल्ड मॉस्किटो डे पर गुरुवार को ऑनलाइन प्रश्न मंच, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिता हुई। प्रश्नमंच स्पर्धा में प्रथम रुपाली चौहान, द्वितीय सोनाली पटेल व तृतीय स्थान वैशाली दास ने पाया। निबंध में प्रथम वंशिका राय, द्वितीय दीक्षा यादव, तृतीय वैष्णवी सोनिया रहीं। स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम प्रतिभा सैनी, द्वितीय शिखा यादव, तृतीय प्रियंका चावरे रहीं।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरएस मेहरा ने बताया 1897 में ब्रिटिश डॉ. रोनाल्ड रॉस ने यह जाना कि मादा मॉस्किटो के काटने से मनुष्य के शरीर में मलेरिया और डेंगू जैसी घातक बीमारी फैल रही है। इस दिन को सर रोनाल्ड रॉस की खोज को समर्पित करने के लिए मनाया जाता है। प्राणीशास्त्र विभाग के डॉ. संजय आर्य ने बताया कि एडीज, एनोफिल्स, क्यूलेक्स मच्छर जीवित जीवों के रूप में कार्य करते हैं जो विभिन्न रोगों को मनुष्यों या जानवरों से मनुष्यों के बीच फैला सकते हैं। एडीज चिकनगुनिया, डेंगू बुखार, लसीका फाइलेरिया, रिफ्ट वैली बुखार, पीला बुखार, जीका व एनोफिल्स मलेरिया, लसीका फाइलेरिया तथा क्यूलेक्स जापानी एन्सेफलाइटिस, लसीका फाइलेरिया, पश्चिम नील बुखार रोग फैलाते हैं।
डॉ. हरप्रीत रंधावा ने बताया एडीज मच्छर के काटने से तेज बुखार, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जी मिचलना व उल्टी आना, गर्दन तथा पीठ में दर्द, अकड़न, जोड़ों तथा मांसपेशियों मे ऐंठन और दर्द, त्वचा पर चकत्ते उभरना, शारीरिक कमजोरी व थकान होती है।
यह उपाय करें
इससे बचाव के लिए घर के बर्तनों और बाल्टी जिनमें पानी जमा रहता है उन्हें उलटकर रखें। पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें क्योंकि पानी अधिक एकत्र रहेगा तो डेंगू के मच्छर पनपने की आशंका बनी रहेगी। बारिश के मौसम में मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर में अगर कूलर है तो उसका पानी खाली करें।
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