एक गेंद में बने 286 रन और… कुल्हाड़ी-बंदूक निकल आईं, पर दौड़ते रहे बैटर, कभी नहीं टूटेगा रिकॉर्ड

एक गेंद में बने 286 रन और… कुल्हाड़ी-बंदूक निकल आईं, पर दौड़ते रहे बैटर, कभी नहीं टूटेगा रिकॉर्ड


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Most runs in one ball: एक गेंद में अधिकतम कितने रन बन सकते हैं, इस सवाल के जवाब में ज्यादातर लोग कहेंगे कि सात रन. लेकिन क्रिकेट का इतिहास बताता है कि एक गेंद में 286 रन बन चुके हैं.

क्रिकेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारत की जीत पक्की नजर आ रही है. इंग्लैंड को मैच के आखिरी दिन जीत के लिए 536 रन बनाने हैं. यह लगभग असंभव है. टेस्ट इतिहास में आज तक कोई भी टीम 500 का टारगेट कभी हासिल नहीं कर सकी है. एक दिन में 536 रन बनाकर जीतना तो एवरेस्ट फतह करने से भी मुश्किल है. हां, कोई चमत्कार हो जाए तो अलग बात है. जैसा एक बार ऑस्ट्रेलिया में हो चुका है जब एक गेंद पर 286 रन बन गए थे.

एक गेंद में अधिकतम कितने रन बन सकते हैं, इस सवाल के जवाब में 99 फीसदी लोग यही कहेंगे कि सात रन. यह बात 1894 की है. उन दिनों सिर्फ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही टेस्ट मैच खेला करते थे. लंदन के अखबार ‘पाल-माल गजट’ में इस मैच की रिपोर्ट छपी. इसमें दावा किया गया कि ऑस्ट्रेलिया में विक्टोरिया और स्क्रैच XI के बीच खेले गए मैच में एक बॉल पर 286 रन बने थे. इन रनों को रोकने के लिए कुल्हाड़ी और बंदूक भी निकल आईं, पर बैटर रन दौड़ते रहे.

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बाउंड्री लाइन के भीतर था पेड़ 
आइए खुलकर बताते हैं. दरअसल, मैच के दौरान विक्टोरिया के बैटर ने एक जोरदार शॉट खेला और गेंद पेड़ पर जाकर अटक गई. यह पेड़ बाउंड्री लाइन के भीतर ही था. जब तक गेंद पेड़ पर टंगी रही, तब तक बैटर दौड़ते रहे. विरोधी टीम के खिलाड़ी उन्हें रोकते रहे लेकिन वे नहीं रुके. तब विरोधी के कुछ खिलाड़ी अंपायर के पास पहुंचे और बैटर्स को रन दौड़ने से रोकने को कहा. इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ. अंपायर ने बैटर्स को रन लेने से मना नही किया. अंपायर्स ने कहा कि बॉल नजरों के सामने है. इसलिए इसे खोया हुए घोषित नहीं किया जा सकता है.

एक तरफ रनिंग और दूसरी तरफ बंदूक…
अब मैदान पर दो सीन एक साथ देखे जा सकते थे. पिच पर बैटर्स रन दौड़ रहे थे और दूसरी टीम के खिलाड़ी लकड़ी-डंडे से बॉल को पेड़ से गिराने की कोशिश कर रहे थे. जब बात नहीं बनी तो अंपायर्स ने पेड़ काटने तक के लिए कह दिया. कुल्हाड़ी लाई गई लेकिन इतनी जल्दी पेड़ कैसे कटे. अंत में बंदूक मंगाई गई ताकि निशाना लगाकर गेंद को पेड़ से गिराया जाए. आखिर में जब गेंद पेड़ से जमीन पर पहुंची तब तक विक्टोरिया के बैटर 286 रन दौड़ चुके थे.

यह भी बता दें कि उन दिनों अधिकतम रन दौड़ने की कोई सीमा तय नहीं थी. बैटर इसका अक्सर फायदा उठाया करते थे. आठ-10 रन दौड़ना कोई अचरज की बात ना होती थी लेकिन हां 10-20 रन के अनुभव इक्का-दुक्का ही मिलते हैं.

विजय प्रभात शुक्लाAssociate Editor

दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय. अप्रैल 2020 से News18Hindi में बतौर एसोसिएट एडिटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी. न्यूज18हिंदी से पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला अखबारों में पेज-1, खेल, देश-विदेश, इलेक्शन ड…और पढ़ें

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