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मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक ऐसी खेती होती है, जो चंदन से कम नहीं. क्योंकि, इस फसल में भी सांप रहते हैं. किसान इनके बीच खेती करते हैं. सीजन में लाखों की कमाई करते हैं. जानें सब…
हाइलाइट्स
- छतरपुर में पिपरमेंट की खेती में सांप आते हैं
- पिपरमेंट की ठंडी पत्तियों के कारण सांप आते हैं
- किसान सावधानी से पिपरमेंट की खेती करते हैं
2 दशकों से जिले में हो रही खेती
किसान बताते हैं कि पिपरमेंट की खेती जिले में 25 साल से हो रही है. हम भी 10 साल से पिपरमेंट की खेती कर रहे हैं. हालांकि, इस खेती में सांप जरूर आते हैं, लेकिन अगर सावधानी बरती जाए तो सांपों से भी बचा जा सकता है.
लेकिन, अगर सावधानी नहीं बरतते हैं तो कई बार सांप किसान भाइयों को काट लेता है. हालांकि, हमें इसकी आदत लग गई. हमें पता होता है कि सांप कब आता है और कैसे ये खेत से भागता है. अब हम इन्हें दोस्त की तरह ही मानते हैं. क्योंकि, उन्हें भी गर्मी से ठंडक पाने के लिए यहां आना ही है.
पत्तियां होती हैं बेहद ठंडी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. कमलेश अहिरवार बताते हैं कि पिपरमेंट की खेती में सांप इसलिए आते हैं, क्योंकि यह फसल ठंड होती है. पिपरमेंट की पत्तियां बहुत ज्यादा ठंडी होती हैं. सांप गर्मी से बचने के लिए यहां आते हैं. गर्मी और बरसात के मौसम में सांप इस फसल की खेती में रहते हैं. यहां हर तरक के सांप पाए जाते हैं. इस खेती को करने वाले किसान, सांपों के बारे में भी जान जाते हैं.
आगे बताया, बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है. इस समय उमस वाली गर्मी होती है, जिससे निजात पाने के लिए सांप पिपरमेंट की खेती में आते हैं. किसानों को इस समय सचेत रहने की जरूरत होती है. हालांकि, लंबे समय से पिपरमेंट उगा रहे किसानों को इसकी जानकारी होती है.