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Groundnut Farming Tips and Tricks: किसानों के लिए मालामाल होने का सुनहरा मौका है, इस फसल की खेती से आम कम समय और कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.
हाइलाइट्स
- मूंगफली की खेती से कम लागत में हो सकते हैं मालामाल.
- मूंगफली की खेती भुरभुरी मिट्टी में ही करें.
- मिट्टी जितनी भुरभुरी होगी उत्पादन भी उतना ही होगा.
छतरपुर जिले के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर कमलेश अहिरवार बताते हैं खरीफ फसलों की बोवनी 15 जुन से 15 जुलाई तक कर सकते हैं. जिन किसान भाइयों की बोवनी नहीं हुई है वो अभी भी खरीफ फसलों की बुवाई कर सकते हैं.
खरीफ सीजन की फसलों में मूंग-उड़द, तिल, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली की खेती करते हैं लेकिन खरीफ की इन सभी फसलों में मूंगफली की फसल सबसे ज्यादा उत्पादन देती है. बशर्ते आप मूंगफली लगा किस मिट्टी में रहे हो ये महत्वपूर्ण होता है.
इस मिट्टी में होता है सबसे ज्यादा उत्पादन
मूंगफली के लिए मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए. क्योंकि मूंगफली फसल की जो फली होती है वह जमीन में जाती है. मिट्टी जितनी भुरभुरी होगी उतने अच्छे से फली मिट्टी में नीचे जा पाएगी.
भुरभुरी मिट्टी में फली अच्छे से जा सकती है. वहीं पथरीली और भुरभुरी मिट्टी भी मूंगफली फसल के उत्पादन के लिए उपयुक्त रहती है. लेकिन काली मिट्टी में मूंगफली की फसल उगाने में दिक्कत होती है. क्योंकि काली मिट्टी मूंगफली की जड़ों को पूरा जकड़ के रखती है. जिससे जड़े अच्छे से नीचे नहीं जा पाती हैं. मिट्टी जितनी भुरभुरी होगी उत्पादन भी उतना ही होगा.