छतरपुर में भारी बारिश से कई गांवों का संपर्क टूटा: पेड़ों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया; 10 साल बाद रनगुंवा-डेम के 15 गेट खुले – Chhatarpur (MP) News

छतरपुर में भारी बारिश से कई गांवों का संपर्क टूटा:  पेड़ों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया; 10 साल बाद रनगुंवा-डेम के 15 गेट खुले – Chhatarpur (MP) News


छतरपुर लगातार हो रही बारिश से कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया।

छतरपुर जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। बिजावर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। सड़कों और पुलों पर पानी बहने की वजह से आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है।

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पेड़ पर फंसे लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला

जमुनिया पुल पर पानी बहने से वहां का यातायात पूरी तरह बंद है। दिदौनिया गांव में पेड़ पर फंसे पांच लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। पड़रिया गांव में बांध टूटने के कारण पड़रिया और जालौन के ग्रामीण तेज बहाव में फंस गए थे, जिन्हें शनिवार रात को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

विधायक राजेश शुक्ला ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

विधायक ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा

बिजावर विधायक राजेश शुक्ला ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान अगरा गांव की स्थिति सबसे गंभीर पाई गई। यहां घरों में पानी घुस गया है। नारायणपुरा गांव में भी जलभराव की समस्या है

पड़रिया गांव में बांध टूटने से पड़रिया और जालौन के ग्रामीण तेज बहाव में फंस गए।

पड़रिया गांव में बांध टूटने से पड़रिया और जालौन के ग्रामीण तेज बहाव में फंस गए।

नालियों का पानी घरों में घुसा, पेट्रोल पंप भी डूबा

सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर मातगुवां के पास जिओ पेट्रोल पंप पानी में डूब गया है। सटई रोड के वार्ड नंबर 13 और 14 में नालियां चोक हो जाने से घरों में पानी भर गया है। वहीं, सटई रोड पर पड़रिया गांव के पास पुल टूटने से आवागमन बंद हो गया है।

रनगुंवा डेम के 15 गेट 10 साल बाद खोले गए।

रनगुंवा डेम के 15 गेट 10 साल बाद खोले गए।

10 साल बाद रनगुंवा डेम के खोले गए 15 गेट

रनगुंवा डेम के 15 गेट 10 साल बाद खोले गए हैं। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।पुलिस ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049101021 जारी किया है। नदी-नालों के पास बैरिकेड्स लगाए गए हैं और लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी किया जा रहा है।



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