इस हार की सुबह नहीं, आर्चर की आंधी में उड़ गया गिल का गैंग

इस हार की सुबह नहीं, आर्चर की आंधी में उड़ गया गिल का गैंग


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लॉर्ड्स टेस्ट मैच की हार लंबे समय तक भारत को सालती रहेगी क्योंकि अंतिन दिन सिर्फ 135 रनों की दरकार थी और 6 विकेट सुरक्षित थे पर जिस तरह से पहले ऋषभ पंत, फिर के एल राहुल और वॉशिंगटन सुंदर आउट हुए उससे मैच पुरी त…और पढ़ें

नहीं करना चाहिए था ड्रामा, हार गए तो कप्तान साहब झेलो हंगामा

लॉर्ड्स. ऐसे हारने की कला सिर्फ टीम इंडिया के पास है, जीता हुआ मैच विरोधी को गिफ्ट करने का बड़ा दिल भी भारतीय टीम ही दिखा सकती है. जिस सीरीज में 3-0 की बढ़त होनी चाहिए थी उस सीरीज में शुभमन गिल और उनका गैंग 1-2 से पिछड़ चुका है. ऐसी हार जिससे उबरना और फिर संभलना आसान नहीं होगा. टीम के लटके हुए चेहरे देखकर पुरानी कहावत जेहन में आ रही थी की हाथ आया और मुंह को ना लगा.

टेस्ट मैच के अंतिम दिन 135 रनों की दरकार हो क्रीज पर केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाज हो और ड्रेसिंग रूम में रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर  और नितिश रेड्डी बल्लेबाजी के लिए इंतजार कर रहे हो उसके बाद भी टीम मंजिल तक पहुंचने से पहले ही बिखर जाए, बड़े बड़े नाम बिना अपना काम किए पवेलिएन लौट जाए तो फिर जो लॉर्ड्स में हुआ वो आगे भी होता रहेगा और टीम जीत के लिए तरसती रहेगी.

ऑर्चर की आंधी 

तीसरे दिन के अंतिम 5 मिनट और चौथे दिन के अंतिम 6 मिनट ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को ऐसा जगाया कि पहले कॉर्स की गेंदबाजी ने कहर बरपाया फिर सोमवार की सुबह ज्योफ्रा ऑर्चर की आंधी में उड़ गया टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर. सुबह जिस रफ्तार और धार से ऑर्चर गेंदबाजी कर रहे थे वो एक तरह का इशारा था. ऋषभ पंत ने हमेशा की तरह गेंदबाज को डॉमिनेट करने की कोशिश की पर आज दिन ऑर्चर का था. मैच की सबसे बेहतरीन गेंद पर उन्होंने पहले पंत का शिकार किया फिर अगले ओवर में वो सुंदर का विकेट भी ले उड़े. उधर कप्तान बेन स्टोक्स ने भी अपना काम किया और सेट बल्लेबाज केएल राहुल को एक अंदर आती गेंद पर आउट करके भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया. हलांकि कुछ देर तक नितिश रेड्डी और रवींद्र जडेजा ने संघर्ष किया पर वो कहावत है ना बकरे की मां कब तक खैर मनाएंगी. इस साझेदारी के टूटते ही भारतीय टीम का खेल खत्म हो गया.

गिल के गुस्से ने बिगाड़ा गेम 

लॉर्ड्स टेस्ट के शुरुआत से ही एक शख्स हवा में था जिसका नाम शुभमन गिल है जो भारतीय टीम के कप्तान भी है. टॉस के समय उनका बॉडी लैग्वेज अलग था फिर गेंदबाजी करने उतरी टीम को भी वो बिना बात के तेवर दिखा रहे थे और रही सही कसर तीसरे दिन से अंतिम क्षणों में इंग्लिश ओपनर्स के भिड़ कर कप्तान ने पूरी कर दी. इन तमाम चीजो का असर सबसे पहले उनकी बल्लेबाजी पर पड़ा जब दोनों पारियों में वो 16 और 6 रन बना पाए. पहली 4 पारियों में 585 रन बनाने वाले गिल को सस्ते में समेटना इंग्लैंड का फायदा नंबर एक था. गिल की लगातार छींटाकशी ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इतना पंप कर दिया जिसका फायदा ये हुआ कि मैदान पर मौजूद हर शख्स अपना 200 परसेंट मैच को दे गया. टीम इंडिया अपनी गलतियों से टेस्ट मैच हार चुका है और वो कहवात बार बार जेहन में आ रही है कि खाया पिया कुछ नहीं गिलास तोड़ा बारह आना यानि इतनी मारामारी करके भी कप्तान साहब टेस्ट मैच हार गए.

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