हरदा में तहसीलदारों का कार्य विभाजन पर विरोध: एडीएम को सौंपा ज्ञापन, 21 जुलाई से काम बंद करने की चेतावनी – Harda News

हरदा में तहसीलदारों का कार्य विभाजन पर विरोध:  एडीएम को सौंपा ज्ञापन, 21 जुलाई से काम बंद करने की चेतावनी – Harda News



प्रदेशभर में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने मोहन कैबिनेट के उस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है, जिसमें न्यायालयीन और गैर न्यायालयीन कार्यों का विभाजन किया गया है। बुधवार को हरदा जिले में पदस्थ तहसीलदारों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एडीएम सतीश र

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मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष व तहसीलदार राजेंद्र पंवार ने बताया कि इस फैसले से जनता को सुविधा मिलने के बजाय परेशानी होगी। कुछ जिलों में कलेक्टरों ने इस फैसले के आधार पर आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारी संघ ने इन आदेशों को निरस्त करने की मांग की है।

बिना समिति की सिफारिश, कार्य विभाजन का विरोध संघ का कहना है कि यह कार्य विभाजन किसी अध्ययन, समिति की सिफारिश या पारदर्शी प्रक्रिया से नहीं किया गया है। संभागीय मुख्यालय वाले जिलों में 14 और अन्य जिलों में 8 तहसीलदारों को गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए चुना गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह चयन किन आधारों पर किया गया।

शासन का अधिकार, कलेक्टर कर रहे नियुक्ति संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 6 के अनुसार कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को क्रिमिनल कोर्ट का एक वर्ग माना गया है और इसकी नियुक्ति का अधिकार केवल शासन को है। लेकिन वर्तमान में प्रमुख राजस्व आयुक्त के आदेश के तहत कलेक्टर स्तर पर नियुक्तियां हो रही हैं, जो अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जबलपुर और सिवनी जिलों में ऐसे आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं।

राजस्व अधिकारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 21 जुलाई से काम बंद कर देंगे।



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