बड़वानी जिले के पाटी आदिवासी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स की लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार को जाग्रत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का निरीक्षण किया। संगठन से जुड़े वालसिंह जमरे ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मर
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नर्स मरीजों को इंजेक्शन लगाते समय शरीर से हाथ न लगे, इसलिए बिना सपोर्ट के प्रेशर से इंजेक्शन लगाती हैं। इससे मरीजों के हाथों में सूजन और दर्द की शिकायत रहती है।
उन्होंने बताया कि 9 जुलाई को ग्राम सावरिया पानी से आई मरीज वालकी बाई को एक्सपाइरी डेट की सलाइन चढ़ा दी गई। उन्होंने बताया कि सलाइन की एक्सपाइरी डेट अक्टूबर 2024 लिखी हुई थी। ड्यूटी पर तैनात नर्स आरती और लक्षणा की लापरवाही से यह घटना हुई।
अस्पताल में वर्तमान में एक महिला डॉक्टर और तीन एमबीबीएस डॉक्टर कार्यरत हैं। एक डॉक्टर को बीएमओ का प्रभार दिया गया है। दूसरे डॉक्टर के अवकाश पर होने से शेष डॉक्टरों को दिन-रात ड्यूटी करनी पड़ रही है।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने पाया कि अस्पताल में टिटनेस का इंजेक्शन कई वर्षों से उपलब्ध नहीं है। मरीजों को मेडिकल स्टोर से खरीद कर लाना पड़ता है। कार्यकर्ताओं ने इस मामले की सूचना तुरंत सीएमएचओ को दी है। परिजन व जाग्रत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में हंगामा भी किया।
उधर बीएमओ डॉक्टर देवेंद्र वास्कले ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है संबंधित नर्स पर शिकायती आवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वही टिटनेस का इंजेक्शन रोगी कल्याण समिति से खरीदा गया है, जो उपलब्ध हैं।
सलाइन की बॉटल पर अक्टूबर 2024 की एक्सपाइरी डेट लिखी थी।

कपड़े के ऊपर से इंजेक्शन लगाती हुई नर्स।