इंदौर में गुरुवार को रेलवे पुलिस द्वारा ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एक्ट के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता’ विषय और रेलवे जीआरपी की भूमिका, सुरक्षा और पंचनामा की कानूनी महत्व को लेकर एक दिनी सेमिनार आयोजित किया
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सेमिनार में एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) तनुज दीक्षित ने एट्रोसिटी कानून के साथ रेल्वे पुलिस की भूमिका, जब्ती की प्रकिया एवं सावधानियां, प्रक्रियागत त्रुटियां, पंचनामा और उसके महत्व, चालान आदि गंभीर विषयों पर जीआरपी की जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि चूंकि रेल पुलिस की एक विशेष यूनिट है, ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती अंतरराज्यीय समन्वय के साथ और अपराधियों को पकड़ना होता है। इसके लिए सभी की ट्रेनिंग कर पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। साथ ही सुधार मजबूती से हो इसे लेकर विधिक जानकारी साथ तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही का संतुलित समावेश भी सिखाया। सेमिनार में जीआरपी एसपी संतोष कोरी, डीएसपी ज्योति शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।