मध्य प्रदेश में जेल प्रहरी की भर्ती प्रक्रिया चल रही है. सांकेतिक फोटो.
जेल प्रहरी (Jail Guard) के लिए मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) ने 300 पदाें के लिए भर्ती निकाली है, जिसके लिए 3 लाख बेरोजगारों ने आवेदन किया है.
जेल प्रहरी की भर्ती प्रक्रिया प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के द्वारा कराई जा रही है. भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन मांगे गए थे. आवेदन के बाद अभी स्कूटनी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जल्द ही बोर्ड की तरफ से एग्जाम आयोजित किए जाएंगे, लेकिन जब आवेदनों की स्कूटनी की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए. प्रदेश में इंजीनियरिंग और एमबीए डिग्रीधारियों ने जेल प्रहरी बनने में रुचि दिखाई है. इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं है.
एक पद के लिए एक हजार उम्मीदवार
जेल प्रहरी की भर्ती केवल 300 पदों पर होनी है. पदों के लिए तीन लाख से अधिक आवेदन आए हैं. एक पद के लिए औसतन एक हजार से ज्यादा उम्मीदवार हैं. परीक्षा नवंबर में आयोजित होगी. अनलॉक के बाद बोर्ड ने 27 जुलाई को विज्ञापन जारी किया था. इसकी अंतिम तारीख 10 अगस्त रखी गई थी, लेकिन इस दौरान कम संख्या में आवेदन आने की वजह से इसे बढ़ाकर 24 अगस्त कर दिया गया था. अंतिम तारीख तक तीन लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं. लिखित परीक्षा के अलावा शारीरिक परीक्षण भी होगा.10 हजार से अधिक उम्मीदवार हाई क्वालीफाई
जेल प्रहरी के पद के लिए आवेदन करने वालों में अधिकांश उम्मीदवार हाई क्वालिटी है. यानी 10,000 से ज्यादा उम्मीदवार इंजीनियरिंग और एमबीए डिग्रीधारी हैं. जेल प्रहरी का वेतन 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह के बीच है और इनका काम जेल में कैदियों पर नजर रखना है. संविदा के जेल प्रहरी के 300 पदों में से बीस फीसदी पद संविदा के होंगे. परीक्षा की मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन होगा. 240 पद नियमित जेल प्रहरी के होंगे, जबकि 60 पद संविदा के होंगे. इससे पहले 3 साल पहले भर्ती प्रक्रिया हुई थी. यही कारण है कि लंबा गैप होने की वजह से निकली जेल पहरी पद के लिए भर्ती में युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है.