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Mamta Pathak News: छतरपुर में डॉ. नीरज पाठक हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने पत्नी ममता पाठक को उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है. ममता ने पति को नींद की दवा देकर करंट से मार डाला था.
हाइलाइट्स
- हाईकोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी
- दलीलें खारिज करते हुए सरेंडर का आदेश
- कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा को सही ठहराया
छतरपुर. छतरपुर जिले में 2021 में हुए विवादित डॉ. नीरज हत्याकांड का फैसला हाईकोर्ट ने सुनाया है. इस मामले में डॉ. नीरज की पत्नी और प्रोफेसर ममता पाठक को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सेशन कोर्ट ने दी थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है और ममता पाठक को अपनी सजा पूरी करने के लिए ट्रायल कोर्ट में तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है.
ममता पाठक और डॉ. नीरज पाठक के बीच विवाद 20 सालों से चल रहा था. ममता को शक था कि उनके पति किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध बना रहे हैं. वह कई बार संबंधित थाने, एसपी कार्यालय और डीजीपी कार्यालय में शिकायत कर चुकी थीं, लेकिन जांच में उनके आरोप बेबुनियाद पाए गए. वहीं डॉ. नीरज का तर्क था कि उनकी पत्नी की तबीयत खराब रहने के कारण वह नींद की गोलियां लेते थे. विवाद के चलते डॉ. नीरज ने 2021 में जिला अस्पताल से वीआरएस लेकर घर पर प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया था.
पुलिस ने सेशन कोर्ट को बताया कि ममता ने पहले नींद की गोलियां देकर डॉ. नीरज को बेहोश किया, फिर करंट देकर उनकी हत्या की. इस मामले में ड्राइवर के बयान, डॉ. नीरज की वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी, और ममता की पुरानी शिकायत ने मामले को और मजबूत किया.
सुनवाई के दौरान ममता पाठक ने पोस्टमॉर्टम में हुई रसायनिक जांच को लेकर अपने पक्ष में दलीलें दीं. उन्होंने कहा कि थर्मल बर्न और इलेक्ट्रिक बर्न में फर्क करना मुश्किल होता है. जब करंट शरीर से गुजरता है तो मेडिकल मेटल के कण टिशू में जम जाते हैं, जिन्हें लैब में विश्लेषण के लिए एचसीएल या नाइट्रिक एसिड में घोलना पड़ता है. उन्होंने कोर्ट को समझाया कि इसी प्रक्रिया से यह साबित होना चाहिए कि बर्न करंट से हुआ था.
इस पूरे विवाद ने छतरपुर जिले में कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर दंपती के लंबे समय से चले विवाद और पत्नी द्वारा पति की हत्या के मामले में. अब इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी और सजा के अनुपालन पर नजर रखी जाएगी.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें
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