टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जिले के 51 जर्जर सरकारी स्कूलों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जर्जर स्कूल भवनों के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
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कलेक्टर श्रोत्रिय ने बताया कि जिले में परीक्षण के बाद 51 शासकीय विद्यालयों को जर्जर और क्षतिग्रस्त घोषित किया गया है। इनकी मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए शासन से 1.13 करोड़ रुपए की राशि की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। मरम्मत का कार्य शाला विकास समिति द्वारा किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जर्जर स्कूली भवनों में छत मरम्मत वाले कार्यों को पहले प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या निम्न गुणवत्ता नहीं होनी चाहिए। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही गुणवत्तापूर्ण कार्य कराए जाएं।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य पालकों के साथ मिलकर सहयोगात्मक रूप से 15 दिवस में पूर्ण किया जाए। ऐसे स्कूल जिनका मरम्मत या जीर्णोद्धार के लिए चिह्नांकन रह गया है, उनको भी निरीक्षण कर सूची में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूल संचालन में छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। अतिसंवेदनशील भवनों को सबसे पहले सुधारा जाए और चयनित स्कूलों की जर्जर छतों की मरम्मत प्राथमिकता से की जाए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी हनुमंत सिंह चौहान, डीपीसी आरपी त्रिपाठी, ईई आर.ई.एस. देवानंद शुक्ला, बीआरसी, इंजीनियर्स और संबंधित शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
