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सावन के महीने में लोग इस दौरान किसी ऐसी जगह की तलाश में रहते हैं, जहां उन्हें प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ धार्मिक और रोमांचक अनुभव भी मिले. अगर आप भी इसी तरह की ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो खरगोन जिले की ये 5 लोकेशन आपके लिए परफेक्ट हैं.
महेश्वर को निमाड़ की काशी कहा जाता है. यहां सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. नर्मदा किनारे बसा यह शहर अध्यात्म और इतिहास दोनों से भरा है. अहिल्या बाई होलकर की राजधानी है. 5वीं शताब्दी में बना ऐतिहासिक किला, घाट, और काशी विश्वनाथ मंदिर यहां शान हैं.

महेश्वर के आस पास जलकोटी में सहस्त्रधारा सहित कई ऐसे धार्मिक एवं पिकनिक स्पॉट है, जहां आप दोस्तो, परिवार के साथ यादगार पल बिता सकते है. यहां नर्मदा घाटों पर बैठकर ध्यान लगाना और नौका विहार करना सुकून देने वाला अनुभव है.

खरगोन जिले की सीमा पर स्थित जाम गेट बारिश में बादलों की चादर ओढ़ लेता है. इसे ‘मिनी चेरापूंजी’ और मिनी कश्मीर भी कहा जाता है. यहां की हरियाली, घाटियां, वादियां और ऊंची चढ़ाई युवाओं को ट्रैकिंग और बाइक राइडिंग के लिए आकर्षित करती है.

सुबह-सुबह यहां बादलों के बीच गुजरती सड़कें स्वर्ग का अनुभव देती हैं. यहां पहाड़ी के मुहाने पर एक शानदार किला नुमा गेट भी बना है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां से निमाड़ की खूबसूरती का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं है. पास ही में माता पार्वती और शिव का प्राचीन मंदिर भी है.

खरगोन की भगवान पूरा क्षेत्र में बसा सीरवेल महादेव मंदिर पहाड़ियों के बीच स्थित है. सावन में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है. जंगलों के बीच बसा यह मंदिर शिवभक्तों के लिए एक तीर्थ जैसा है. साथ ही आसपास की हरियाली और झरने इस जगह को और रोमांचक बनाते हैं. ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह जगह शानदार है.

अगर आप मंदिरों के साथ ऐतिहासिक स्थलों पर घूमना चाहते है तो मंडलेश्वर आपके लिए बेस्ट लोकेशन हो सकती है. यह क्षेत्र नर्मदा नदी के किनारे पवित्र नगरी है. जहां प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव, मंडनेश्वर शिवालय, काशी विश्वनाथ, राम मंदिर सहित कई प्राचीन मंदिर है. साथ ही नर्मदा स्नान और दर्शन का लुफ्त भी ले पाएंगे.

इसी क्षेत्र में कई ऐतिहासिक धरोहर भी है. यहां आप अंग्रेजों के जमाने की जेल, रेजिडेंट हाउस, घंटाघर, कुत्ता कब्र, फांसी बैडी जैसे कई स्थलों पर घूम सकते है. पास में बने मध्य प्रदेश के सबसे खूबसूरत नगर वन में रोमांच और एडवेंचर का भी भरपूर आनंद ले सकते है.

विंध्याचल पर्वत के घने जंगलों में बसा छोटा अमरनाथ न सिर्फ आध्यात्मिक स्थल है बल्कि यहां एडवेंचर और प्रकृति का ऐसा अद्भद मेल है, जो शायद ही कही मिले. पहाड़ी से करीब 2 हजार फिट नीचे अमरनाथ की तरह एक छोटी गुफा में प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन होते है.

पास ही में खूबसूरत झरना बहता है. जबकि यहां पहुंचने के लिए करीब 3000 सीढ़ियां उतरनी पड़ती है या फिर 4 km की ट्रेकिंग करनी पड़ती है. यह स्थल खरगोन ओर इंदौर सीमा के बीच जाम दरवाजे से नजदीक पड़ता है. या फिर आप करही से रोशियाबारी होते हुए भी जा सकते है.