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Satna News: शाम करीब 4 बजे से रात 9-10 बजे तक खुलने वाले इस चाट स्टॉल पर रोजाना 80 से 100 प्लेट तक चाट बिक जाती हैं. 80 परसेंट कस्टमर रेग्युलर हैं, जो सालों से यहां आ रहे हैं. यह चाट स्टॉल मोंटू-शोंटू के नाम से…और पढ़ें
उन्होंने बताया कि स्टॉल की लोकेशन भले समय-समय पर बदली हो लेकिन स्वाद में कभी कोई समझौता नहीं किया गया. 45 सालों से ज्यादा समय से श्री चाट भंडार सतना के स्वाद प्रेमियों की पसंद बना हुआ है. शाम को करीब 4 बजे से रात के 9-10 बजे तक खुलने वाले इस स्टॉल पर रोजाना 80 से 100 प्लेट चाट बिकती हैं. 80 फीसदी ग्राहक नियमित हैं, जो सालों से यहां आ रहे हैं. अनुराग ने बताया कि यह स्टॉल मोंटू-शोंटू के नाम से ज्यादा फेमस है और इस नाम को सुनते ही शहरवासी चाट के स्वाद को याद करने लगते हैं.
हर बार स्वाद वैसा ही लाजवाब
देवेंद्रनगर से आईं ग्राहक श्वेता गुप्ता ने लोकल 18 से कहा कि सतना आकर यहां की चाट खाना उनकी आदत बन चुकी है. डबल टिक्की वाली चाट सिर्फ यहीं मिलती है और स्वाद जबरदस्त होता है. बस से उतरते ही सबसे पहले वह यहीं रुकती हैं. एक अन्य ग्राहक ने कहा कि वह पिछले तीन साल से नियमित रूप से यहां चाट और फुल्की खाने आ रहे हैं और हर बार स्वाद वैसा ही लाजवाब रहता है.
सतना की स्वाद भरी पहचान
श्री चाट भंडार सिर्फ एक स्टॉल नहीं बल्कि सतना की स्वाद भरी पहचान बन चुका है. किफायती दाम, टिकाऊ स्वाद और पारिवारिक सेवा भावना ने इसे बस स्टैंड की शान बना दिया है. अगर आपने अब तक इस चाट का स्वाद नहीं चखा है, तो अगली बार सतना आइए और डबल टिक्की की ये खास पेशकश जरूर आजमाइए.