इटारसी, नर्मदापुरम और जबलपुर तक तलाशा, पर सुराग नहीं
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एम्स के गेट नंबर -03 पर पांच रुपए में मिलने वाला खाना खाने का अपनी मां से बोलकर गईं 11 साल और 7 साल की दो सगी बहनें पिछले आठ दिन से लापता हैं। परिजन अपने स्तर पर उनकी तलाश करते रहे। जब बच्चियों का कोई सुराग नहीं लगा तो सात दिन बाद शनिवार को थाने पहुंचकर उनके लापता होने की सूचना दी।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर दोनों बच्चियों के अपहरण का मामला दर्ज किया है।एम्स के सीसीटीवी कैमरों के तीन दिन की रिकॉर्डिंग सेव होने के कारण 26 जुलाई के फुटेज पुलिस को नहीं मिले हैं। पुलिस बच्चियों की तलाश में जुट गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा बच्चियों के लापता होने की सूचना एक हफ्ते बाद दी। इसलिए भी तलाशी में दिक्कत आ रही है।
एम्स अस्पताल में भर्ती बच्चियों के मामा को देखने गया था परिवार
बाग सेवनिया इलाके में रहने वाले छोटेलाल भेलिया झाड़ू बनाकर परिवार चलाते हैं। वह 80 फीट रोड पर रामेश्वर के पास झुग्गी में पत्नी पूना और पांच बच्चों के साथ रहते हैं। 26 जुलाई को पूना अपने भाई के एक्सीडेंट के बाद एम्स अस्पताल में उसके पास गई थीं। साथ में उनकी 11 वर्षीय बेटी संगीता और 7 साल की बेटी कविता भी थीं।
संगीता पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। उसने मां से 10 रुपए लिए और कहा कि गेट नंबर-03 पर पांच-पांच रुपए में मिलने वाला खाना लेने जा रही है। इसके बाद दोनों बहनें वापस नहीं लौटीं। परिजन ने बच्चों को एम्स से लेकर पिपलानी ही नहीं इटारसी, नर्मदापुरम और जबलपुर तक तलाशा। जबलपुर में बच्चियों की बुआ रहती हैं। इटारसी और नर्मदापुरम में समाज के डेरे हैं। कोई सुराग नहीं मिला तो शनिवार को बाग सेवनिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पिछले साल भी हो चुकी है ऐसी घटना – साल 2023 में भी छोटेलाल की बड़ी बेटी अपनी तीन सहेलियों के साथ बिना बताए घर से चली गई थी। वह बाद में जबलपुर में बुआ के घर मिली थी।
फुटेज नहीं मिले, पुलिस स्टेशन के कैमरे खंगाल रही
सब इंस्पेक्टर गोकुल प्रसाद ढावरे ने बताया कि एम्स अस्पताल में केवल तीन दिन की रिकॉर्डिंग रहती है, इसलिए 26 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पाए। आरकेएमपी स्टेशन के फुटेज भी खंगाले गए, लेकिन बच्चियां नजर नहीं आईं। अब भोपाल स्टेशन के कैमरे देखे जा रहे हैं।