क्रिस वोक्स दोहरा सकते हैं 41 साल पुराना कमाल, तब मार्शल ने एक हाथ से बैटिंग कर टीम को मैच जिताया था

क्रिस वोक्स दोहरा सकते हैं 41 साल पुराना कमाल, तब मार्शल ने एक हाथ से बैटिंग कर टीम को मैच जिताया था


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1984 में मैलकम मार्शल ने चोट के बावजूद एक हाथ से बैटिंग की थी. आज क्रिस वोक्स भी ऐसा कर सकते हैं. इंग्लैंड को भारत से जीतने के लिए 35 रन चाहिए. वोक्स के कंधे में चोट है, लेकिन वे बैटिंग कर सकते हैं.

क्रिस वोक्स मैच के पहले दिन चोटिल हो गए थे.

हाइलाइट्स

  • इंग्लैंड को भारत से जीतने के लिए चाहिए 35 रन.
  • क्रिस वोक्स चोट के बावजूद कर सकते हैं बैटिंग.
  • मैलकम मार्शल ने 1984 में एक हाथ से बैटिंग की थी.
नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे पल समाए हैं जो फैंस के जेहन में बरसों बाद भी ताजा है. साहस की मिसाल माने जाने वाले ऐसे पलों में ऋषभ पंत की बैटिंग भी शामिल है, जब उन्होंने चोट के बावजूद बैटिंग की क्योंकि टीम को इसकी जरूरत थी. भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के आखिरी दिन क्रिस वोक्स भी ऐसा ही कुछ कर सकते हैं जो उन्हें क्रिकेट इतिहास में अमर बना दे. जैसा 1984 में वेस्टइंडीज के मैलकम मार्शल ने किया था. तब मार्शल इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में चोटिल होने के बावजूद एक हाथ से बैटिंग करने उतरे थे. ओवल में खेले जा रहे पांचवें टेस्ट में आज सोमवार को क्रिस वोक्स भी अगर एक हाथ से बैटिंग करने उतरें तो हैरान मत होइएगा.

इंग्लैंड को भारत से पांचवां टेस्ट जीतने के लिए 35 रन की जरूरत है. उसके 4 विकेट बाकी हैं. क्रीज पर जैमी स्मिथ के साथ जैमी ओवर्टन हैं. जाहिर है इंग्लैंड की टेल (पूंछ) मैदान पर है. भारतीय फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि हमारे गेंदबाज इंग्लैंड की टेल को जल्दी समेट देंगे. यहां यह जानना जरूरी है कि इंग्लैंड के क्रिस वोक्स को पहले दिन कंधे में चोट लग गई थी. इसके बाद उन्होंने ना तो बैटिंग की और ना ही बॉलिंग. लेकिन वे मैच के पांचवें दिन जरूरत पड़ने पर बैट लेकर मैदान पर उतरेंगे. मैच के चौथे दिन शतक लगाने वाले जो रूट ने कहा कि क्रिस वोक्स मैच के लिए जान लड़ाने को तैयार हैं.

क्रिस वोक्स अगर मैदान पर उतरते हैं तो वे मैलकम मार्शल से प्रेरणा ले सकते हैं. 1984 में हेडिंग्ले टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग के दौरान मार्शल को चोट लग गई थी. उनके बाएं अंगूठे में दो जगह फ्रैक्चर थे. चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम दस दिन तक क्रिकेट से दूर रहने की सलाह दी. इंग्लैंड की टीम ने राहत की सांस ली क्योंकि मार्शल उस समय वेस्टइंडीज के सबसे खतरनाक गेंदबाज माने जाते थे. कुछ ऐसे ही जैसे ओवल टेस्ट में क्रिस वोक्स के चोटिल होने से भारत को राहत मिली क्योंकि वे टीम के सबसे अनुभवी और इनफॉर्म बॉलर थे.

ऐसा लगता है कि 1984 का मार्शल वाला मैच फिर से मैदान पर उतर आया है. मार्शल की तरह पहले दिन चोटिल होने वाले क्रिस वोक्स के पास एक हाथ से बैटिंग करने का मौका आ सकता है. मार्शल की एक हाथ से बैटिंग को दृढ़ निश्चय और टीम भावना के लिए जाना जाता है. तब मैच के तीसरे दिन, जब वेस्टइंडीज की नौवां विकेट गिरा तो लैरी गोम्स 96 रन पर खेल रहे थे. सब ने सोचा कि पारी समाप्त हो गई लेकिन मार्शल ने गजब का जिगरा दिखाया. वे एक हाथ में बल्ला लिए मैदान पर उतर आए. उनके बाएं हाथ में प्लास्टर बंधा था. इसके बाद उन्होंने गोम्स को शतक पूरा करने में मदद की. इस दौरान उन्होंने एक चौका भी जड़ा. उनकी यह पारी भले ही लंबी नहीं चली, लेकिन 16 मिनट के छोटे से समय में उन्होंने 12 रनों की साझेदारी में टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाई. गोम्स ने 104 रन बनाए, और मार्शल का जज्बा टीम के लिए मील का पत्थर साबित हुआ.

टूटे अंगूठे के साथ झटके 7 विकेट
दिलेरी की यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती. मार्शल ने दूसरी पारी में प्लास्टर चढ़े हाथ के साथ गेंदबाजी की और 7 विकेट लेकर इंग्लैंड को 159 रनों पर समेट दिया. कप्तान क्लाइव लॉयड ने इसे अपने करियर का सबसे साहसी प्रदर्शन बताया था. मार्शल अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी यह पारी क्रिकेट की किताबों में अमर है.

विजय प्रभात शुक्लाAssociate Editor

दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय. अप्रैल 2020 से News18Hindi में बतौर एसोसिएट एडिटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी. न्यूज18हिंदी से पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला अखबारों में पेज-1, खेल, देश-विदेश, इलेक्शन ड…और पढ़ें

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जब चोट के बाद मैलकम मार्शल ने एक हाथ से बैटिंग की, वोक्स आज दोहरा सकते हैं यही



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