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Ajab Gajab News: प्रोटेस्ट करने का सबका अपना अलग तरीका होता है, लेकिन बुरहानपुर के किसानों ने सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए अलग ही तरीका अपनाया है, जिसे नाम दिया है पत्थर खाओ आंदोलन!
किसानों ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब किसान डॉक्टर रवि कुमार पटेल से बात की तो उन्होंने बताया कि करीब 100 से अधिक किसानों की 300 एकड़ जमीन इस परियोजना के निर्माण में जा रही है. लेकिन हमको मुआवजा कम दिया जा रहा है. रवि कुमार पटेल ने स्पष्ट किया कि भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित पारदर्शिता अधिनियम 2013 मध्य प्रदेश के अनुसार समस्त मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में सम्मानित बाजार मूल्य को दो के गुणांक द्वारा गुणा किया जाएगा लेकिन यहां पर इस तरह से नहीं हो रहा है जिसको लेकर आज हमने पत्थर खाओ आंदोलन कर कर विरोध प्रदर्शन किया. ताकि शासन प्रशासन इस और ध्यान देकर हमारी समस्या का निराकरण करें.
5000 लोगों पर आया संकट
किसान देवा का कहना है कि यहां पर करीब 100 से अधिक किसानों की खेती है. जहां पर हम 40 से 45 वर्षों से खेती किसानी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे. अब हमारे परिवार के करीब 5000 लोग ऐसे बेरोजगार हो गए हैं कि जिनके पास कोई काम नहीं है. हमारे पास खेती ही एक रोजगार का साधन थे लेकिन यह खेती इस परियोजना में जाने के बाद से अब हम बेरोजगार हो गए.