22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, जिनसें सात लाख रुपए ठगे गए।
ग्वालियर में मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध संघ के रिटायर्ड टेक्नीशियन को पत्नी सहित डिजिटल अरेस्ट किया गया। बदमाशों ने उनके आधार कार्ड से दो सिम कार्ड निकालकर 700 करोड़ रुपए के लेनदेन व आयकर चोरी का झूठा आरोप लगाया। जब रिटायर्ड टेक्नीशियन डर गए, तो एक ठग न
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22 दिनों तक लगातार ठग वीडियो कॉल के माध्यम से बुजुर्ग दंपती पर नजर रखते रहे। इस दौरान जांच के नाम पर उनके खाते में जमा 7.10 लाख रुपए आरबीआई में जमा कराने का झांसा देकर एक फर्जी अकाउंट में डलवा लिए। ठग, रिटायर्ड टेक्नीशियन के फंड में जमा शेष लाखों रुपए भी ठगने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले दंपती गोला का मंदिर थाना पहुंचे और शिकायत की।
पुलिस के समझाने पर वे डर से बाहर आए और फिर क्राइम ब्रांच में जाकर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बुजुर्ग पति-पत्नी ने ग्वालियर क्राइम ब्रांच में शिकायत की है।
रिटायर्ड टेक्नीशियन के साथ ठगी की शुरुआत एक फोन कॉल से हुई
शहर के गोला का मंदिर स्थित डेयरी कॉलोनी जी-7 निवासी 64 वर्षीय अवनीश चन्द्र मदनावत मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध संघ से रिटायर्ड टेक्नीशियन हैं। उनके कोई बच्चे यहां नहीं हैं। यहां सिर्फ अवनीश और उनकी पत्नी के अलावा कोई नहीं रहता है। 9 जुलाई को अवनीश के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अफसर राना आनंद बताया था। इसके बाद उसने वीडियो कॉल किया तो पुलिस की वर्दी में बैठा एक युवक बात कर रहा था। उसने बताया कि आपके आधार कार्ड पर दो सिम कार्ड जारी हुए हैं। इन सिम कार्ड के जरिए 700 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। जिन लोगों ने यह पैसा ट्रांसफर किया है। उन्होंने इनकम टैक्स नहीं दिया है।
इसलिए अभी कुछ ही देर में आपको गिरफ्तार करने के लिए पुलिस आ रही है। इस पर बुजुर्ग डर गया और उसने बताया कि उसका कोई लेना देना नहीं है। वह सीधा सच्चा इंसान है। इस पर क्राइम ब्रांच के अफसर ने उसकी बात मानते हुए थोड़ी राहत दी। कहा कि अभी गिरफ्तार करने पुलिस नहीं पहुंचा रहे हैं, लेकिन आधार कार्ड आपका उपयोग हुआ है। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती है, आप जांच के घेरे में रहेंगे।
दिल्ली क्राइम ब्रांच वीडियो व ऑडियो कॉल के जरिए आप पर नजर रखेगी। इसके बाद परिवार व अकाउंट की जानकारी जुटाई। पता लगा घर में बुजुर्ग दंपती के अलावा कोई नहीं है। ठगों ने अवनीश चन्द्र की पत्नी को भी वीडियो कॉल डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
आरबीआई में जांच के नाम पर खाते से 7.10 लाख रुपए ठगे ठगों ने बुजुर्ग दंपती को बताया कि यह जांच लंबी चलेगी। जब तक आप दोनों डिजिटल अरेस्ट रहोगे। पड़ोसियों तक से बात नहीं करोगे, क्योंकि आपका आधार कार्ड इस्तेमाल हुआ है। मतलब कोई करीबी इसमें शामिल है। धमकाने के बाद बुजुर्ग दंपती के खाते में जमा 7.31 लाख रुपए में से 7.10 लाख रुपए फिरोजाबाद के एक अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए थे। साथ ही बताया कि जांच के बाद आरबीआई आठ से दस दिन में खुद ही वापस आपके अकाउंट में कर देगी। यदि आपकी भूमिका 700 करोड़ के लेनदेन में आई तो यह जब्त कर लिए जाएंगे।
फंड के 40 लाख रुपए पर थी नजर ठगों की नजर बुजुर्ग दंपती के फंड में जमा 40 लाख रुपए पर थी। बार-बार फंड में जमा कैश को भी वह आरबीआई के सुपुर्द करने के लिए कह रहे थे, लेकिन पहले के जमा किए रुपए जब वापस नहीं आए तो बुजुर्ग दंपती को शक हुआ। जिस पर वह नजर बचाकर 31 जुलाई को पहले गोला का मंदिर थाना पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। जिसके बाद उनको वहां से समझाकर कि वह फ्रॉड के जाल में फंसे हैं, क्राइम ब्रांच पहुंचा दिया गया। क्राइम ब्रांच ने आवेदन से मामला जांच में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बाजार तक जाने पर रखते थे नजर, टीआई के सामने धमकाया
बुजुर्ग दंपती ने बताया कि ठग उन पर 24 घंटे नजर रखते थे। दिन भर वीडियो कॉल ऑन रहता था। सिर्फ रात को सोते समय वीडियो कॉल बंद रहता था, लेकिन ऑडियो कॉल चालू रहता था। बाजार जाते थे ताे भी ऑडियो कॉल ऑन रहता था और वह हमारी छोटी-छोटी बात सुनते थे। जब गोला का मंदिर थाना गए थे तो टीआई साहब के सामने भी ठगों का कॉल आया। जिस पर टीआई साहब ने उनको खूब सुनाई, लेकिन वह उसके बाद भी हमें धमका रहे हैं।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया
एक बुजुर्ग दंपती को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 7.10 लाख रुपए हड़पे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती है। यह ठगों का बुना हुआ जाल होता है। इसलिए सभी सतर्क रहें।
