भिंड जिले के लहार अपर सत्र न्यायालय ने मंगलवार को ढाई साल पुराने हत्या मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी किशुनलाल माहौर को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए ₹50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। मामला आलमपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 15 नवंबर 2022 की रात आरोप
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फरियादी मुकेश माहौर ने बताया कि वह अपने छोटे भाई बलवीर माहौर के साथ रामलीला देखकर रात करीब 1:45 बजे घर लौट रहा था। रास्ते में जब वे काशीराम माहौर के मकान के पास पहुंचे, तभी बलवीर की पत्नी पूजा माहौर का पूर्व पति किशुनलाल वहां मिला।
पीछे से सिर पर कुल्हाड़ी मारी, फिर तीन वार और किए किशुनलाल ने बलवीर के सिर पर पीछे से कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी ने उस पर तीन और वार किए। मुकेश जब अपने भाई को बचाने दौड़ा, तो आरोपी उसकी ओर कुल्हाड़ी लेकर भागा, जिससे वह डरकर घर की ओर भागा।
परिजनों और मोहल्ले वालों को दी सूचना घर पहुंचकर मुकेश ने घटना की जानकारी परिजनों और मोहल्ले के लोगों को दी। इसके बाद आलमपुर थाने में आरोपी किशुनलाल के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया।
अदालत में सबूतों से साबित हुआ अपराध मामले की सुनवाई लहार के अपर सत्र न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष के वकील शिवकुमार त्रिपाठी ने अदालत में सभी गवाह और सबूत पेश कर यह साबित किया कि हत्या पूर्व नियोजित थी और आरोपी दोषी है।
₹50 हजार जुर्माना, न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा अदालत ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी किशुनलाल को उम्रकैद और ₹50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को छह महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।