कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते तहसीलदार
गुना में राजस्व अधिकारियों ने न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के बीच किए जा रहे बंटवारे का विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
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अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से पूरे प्रदेश के राजस्व अधिकारियों में नाराजगी है। वे कलेक्ट्रेट में धरना भी दे रहे हैं। उनका आरोप है कि पहले उन्हें यह कहा गया था कि यह योजना सिर्फ 12 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी, लेकिन अब इसे 9 जिलों में लागू कर दिया गया है और राजस्व न्यायालयों को भी मिला दिया गया है। साथ ही, गैर-न्यायिक अधिकारियों को जरूरी संसाधन भी नहीं दिए गए हैं।
अधिकारियों ने किया काम बंद
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले के विरोध में प्रदेश भर के सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे गए हैं। जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता, अधिकारी सिर्फ आपदा प्रबंधन से जुड़े काम ही करेंगे, बाकी किसी काम में हिस्सा नहीं लेंगे।
ऑफिशियल व्हाटसएप ग्रुप लीव करने की चेतावनी
हालांकि अधिकारी जिला मुख्यालय पर मौजूद रहेंगे और न तो सामूहिक अवकाश लेंगे और न ही हड़ताल पर जाएंगे। 6 अगस्त, बुधवार को सभी अधिकारी अपने सरकारी वाहन जमा कर रहे हैं। डिजिटल सिग्नेचर डोंगल सीलबंद कर जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे और सभी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे। वे हर दिन शाम 6 बजे जिले की स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति दर्ज करेंगे।
राजस्व अधिकारियों की मांग है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी की जिम्मेदारी पुलिस या सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी जाए।