धार में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर शुक्रवार सुबह हादसे में एक संत की वाहन की टक्कर से मौत हो गई। संत पैदल यात्रा कर पावागढ़ माता के दर्शन के लिए निकले थे। हादसा हातोद गांव के पास हुआ। राहगीरों की सूचना पर डायल-100 की टीम मौके पर पहुंची और शव को अमझेरा
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घटना की जानकारी मिलते ही गांव के उपसरपंच अर्जुन मोहनिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया। जब कोई सूचना नहीं मिली, तो उन्होंने मृत संत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, ताकि उनकी पहचान हो सके।
कुछ देर बाद उपसरपंच मोहनिया को सूचना मिली कि मृतक संत ने हादसे से पहले रात में भलगावड़ी के पास एक होटल पर भोजन किया था। होटल के कर्मचारी ने बताया कि रात में दो संत वहां ठहरे थे और सुबह रवाना हो गए थे। इसके बाद अर्जुन मोहनिया और वसीम काजी ने दूसरे संत की तलाश शुरू की, जो ग्राम हातोद के पास मिले। जब उन्हें मृतक संत का वीडियो दिखाया गया, तो उन्होंने पुष्टि की कि वे रात को साथ ही ठहरे थे और मृतक संत ने बातचीत में मानपुर क्षेत्र के एक गांव का उल्लेख किया था।
वीडियो के वायरल होने के बाद संत के बेटे ने संपर्क किया। उन्हें अमझेरा अस्पताल बुलाया गया। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
संत की पहचान प्यार सिंह पिता तुलसीराम, निवासी ग्राम कोलानी, तहसील महू के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि वे एक कुटिया में रहते थे और पूर्व में नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके थे। इस बार वे पावागढ़ माता के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले थे।