लगातार हो रही भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं. इससे प्रदेश का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है
भारी बारिश से नर्मदा और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं. पिछले 48 घंटों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. रविवार को प्रदेश में 856.7 मि.मी वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक है
उन्होंने कहा कि इन जिलों में कई गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. मकानों की पहली मंजिल तक पानी भर गया है. खेत-खलिहान पूरी तरह डूब गए हैं. पेड़ों के ऊपरी हिस्से ही दिखाई दे रहे हैं. नर्मदा नदी के दोनों तरफ के 10 किलोमीटर क्षेत्र में बाढ़ का असर है. नर्मदा नदी की सहायक नदियों का पानी नर्मदा में जाने के बजाय वापस आने से उनके आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं. सीएम शिवराज ने कहा कि सरकार द्वारा बचाव और राहत कार्य 24 घंटे चलाया जा रहा है. बाढ़ में फंसे एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित निकालेंगे. साथ ही बाढ़ पीड़ित को हर संभव सहायता देंगे. बाढ़ हमारे लिए चुनौती है और पीड़ित मानवता की सेवा धर्म. हम दोनों मोर्चों पर सफल होंगे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बारिश की तीव्रता कम होने से बाढ़ का पानी उतर रहा है, लेकिन ऐसे में मौसमी बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है. इसे देखते हुए संबंधित सभी विभाग पूरी मुस्तैदी और कर्मठता के साथ निरंतर प्रभावित व्यक्तियों को हर आवश्यक सहायता पहुंचाने का कार्य करें.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बाढ़ और उसके बाद पैदा होने वाली स्थितियों से कारगर तरीके से निपटने के निर्देश दिए हैं (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश में बाढ़ की गंभीर स्थिति
प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 454 गांवों से लगभग 11 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. रेस्क्यू किए गए लोगों को 170 राहत शिविरों में रखा गया है, जिनमें भोजन, दवाओं, पानी की व्यवस्था की गई है. एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्थानों से 267 व्यक्तियों को एयरलिफ्ट किया गया है. बचाव कार्यों में वायुसेना के साथ थलसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड सहित राजस्व का पूरा अमला निरंतर लगा हुआ है. इनके साथ ही समाजसेवी संगठन, संस्थाएं भी अपने स्तर से काम में जुटी हैं.