खरगोन में शुरू हुआ शिवडोला, अबतक 50 हजार लोग पहुंचे: शाही सवारी में नगर भ्रमण पर निकले भगवान सिद्धनाथ; महाकाल की तर्ज पर सजी पालकी – Khargone News

खरगोन में शुरू हुआ शिवडोला, अबतक 50 हजार लोग पहुंचे:  शाही सवारी में नगर भ्रमण पर निकले भगवान सिद्धनाथ; महाकाल की तर्ज पर सजी पालकी – Khargone News



खरगोन जिले में श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा पर्व शिव डोला सोमवार को धूमधाम से शुरू हुआ। भगवान सिद्धनाथ महादेव और महाबलेश्वर महादेव की शाही सवारी आज नगर भ्रमण पर निकली है। इस बार शिवडोला को उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर भव्य स्वरूप दिया गया है।

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सुबह मंदिर में विशेष पूजा और महाआरती के बाद भगवान को फूलों से सजी पालकी में विराजित किया गया। इसके बाद भावसार धर्मशाला से भगवान सिद्धनाथ का विशेष रथ यात्रा के रूप में नगर भ्रमण शुरू हुआ। शिवडोले की महाआरती में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक बालकृष्ण पाटीदार और कलेक्टर भव्या मित्तल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और श्रद्धालु शामिल हुए। जिला प्रशासन के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। दोपहर तक करीब 50 हजार लोग पहुंच चुके थे।

भव्य साज-सज्जा और स्वागत व्यवस्था

शिवडोला यात्रा मार्ग पर 80 से ज्यादा स्वागत स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मक्खन बड़े, आलू बड़े, फलाहार और अन्य प्रसाद सामग्री वितरित की जा रही है। जगह-जगह भक्तों की सेवा और अगवानी के लिए स्वयंसेवक तैनात हैं।

आज स्थानीय अवकाश

कलेक्टर भव्या मित्तल ने सोमवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया है। साथ ही खरगोन तहसील की 23 शराब दुकानों को एक दिन के लिए बंद कराया गया है।

रथ यात्रा में शामिल झांकियां और दल

शाही शिवडोला में इस बार श्रद्धालुओं को आस्था की भव्य झलक देखने को मिल रही है। यात्रा में शामिल हैं:

  • 27 पौराणिक झांकियां
  • 10 लोकनृत्य दल
  • 4 अखाड़े
  • 10 ढोल-ताशा दल
  • 2 घुड़सवार दल
  • 1 नगाड़ा दल
  • 2 भजन मंडलियां

पुलिस बैंड की अगवानी

  • रूट और बस स्टैंड की व्यवस्था
  • इंदौर रूट – नवग्रह मेला मैदान
  • खंडवा-बुरहानपुर रोड – प्रेसिडेंट होटल के पास
  • सनावद रोड – आरटीओ परिसर
  • झिरन्या-भगवानपुरा रूट – अनाज मंडी

ऐसा रहा आयोजन का समयबद्ध क्रम

  • सुबह 4 बजे – मंदिर स्थापक वंशज गुलाबचंद भावसार परिवार द्वारा पूजन
  • 8 बजे – शिवडोला समिति द्वारा पूजन
  • 9 बजे – मंदिर में महाआरती
  • 9:30 बजे – पालकी में विराजमान होकर मंदिर से प्रस्थान
  • 10 बजे – विशेष रथ में सवार होकर नगर भ्रमण प्रारंभ



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