राजगढ़ जिले के बरखेड़ी गांव में हुए हत्याकांड में कोर्ट ने मंगलवार को सभी आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। ब्यावरा की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश अमजद अली की अदालत ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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9 अप्रैल 2022 को रात साढ़े 9 बजे पुरानी रंजिश में मांगीलाल को लाठी-डंडों से पीटा गया। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने झूठी सूचना दी कि मांगीलाल सिंचाई पाइप चोरी कर रहा था। पुलिस उसे थाने ले गई। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मांगीलाल की मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हाईवे पर धरना दिया। उन्होंने पुलिस अभिरक्षा में मौत का आरोप लगाया। तत्कालीन थाना प्रभारी को हटाने की मांग की। जांच में सामने आया कि मौत आरोपियों की मारपीट से हुई थी।
मामले की जांच वरिष्ठ निरीक्षक जंगबहादुर राय को सौंपी गई। विशेष लोक अभियोजक आलोक श्रीवास्तव ने 29 गवाहों के बयान दर्ज कराए। आरोपियों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने 6 माह में फैसला देने का आदेश दिया था।
अदालत ने रामराज, आजाद, लाखन, घनश्याम, भरतराम, रामबाबू, हेमराज और जगमोहन को दोषी पाया। सभी आरोपी बरखेड़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्हें धारा 302 में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। धारा 147 में 3-3 साल की सजा और 2-2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।