दमोह जिले के बांदकपुर स्थित जागेश्वर नाथ धाम मंदिर के पुजारी गणेश दुबे की मौत के बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने उनके परिजनों के साथ मिलकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
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यह प्रदर्शन करीब एक घंटे चला, जिसके बाद नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन करेंगे।
यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब 48 वर्षीय पुजारी गणेश दुबे बांदकपुर के झंडा बाजार में चाय दुकान पर बैठे थे। अचानक पीपल के पेड़ की एक डाल टूटकर उनके सिर पर गिर गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
लापरवाही का आरोप और मुआवजे की मांग
पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही पुजारी का शव गांव पहुंचा, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने परिजनों के साथ मिलकर खेर माता मंदिर के पास सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर, चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा और नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गांव में इस तरह की दूसरी बड़ी घटना है। करीब दो साल पहले भी इमली के एक सूखे पेड़ की डाल गिरने से एक पिता और उनकी छोटी बेटी की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा सूखे और खतरनाक पेड़ों की छंटनी नहीं की जाती, जिसकी वजह से लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर ग्राम पंचायत के सदस्यों और प्रतिनिधियों को दोषी ठहराया और उन पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पुजारी के परिवार को 10 लाख रुपए और मंदिर ट्रस्ट से 5 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने मृतक पुजारी के बेटे को मंदिर में नौकरी देने की भी मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और पुजारी का अंतिम संस्कार किया गया।