छतरपुर में किशनगढ़ थाना के नगदा गांव में कचरा रोकना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि सरपंच और उसके साथियों ने सेन समाज के तीन लोगों पर लोहे की रॉड से हमला किया और थाने में शिकायत करने जा रहे पीड़ितों पर चारपहिया गाड़ी चढ़ा दी।
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घटना में गोपाल सेन (30), भाई घनश्याम (18) और मां कलावती (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीड़ितों का आरोप है कि सरपंच ने पंचायत का कचरा उनके घर के सामने डाल दिया। मना करने पर पहले विवाद हुआ, फिर सरपंच के चचेरे भाई भगवान दास यादव ने लोहे की रॉड से हमला किया। बाद में जब तीनों थाने जा रहे थे, तो उचारा तिराहे पर सरपंच ने अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
ध्वजारोहण में भी हुआ विवाद घटना से पहले नगदा पंचायत में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में भी विवाद हुआ था। आरोप है कि झंडे को सही तरीके से न बांधने के कारण चार बार झंडा उतारना पड़ा और पांचवीं बार फहराया जा सका। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति पर लगा तिरंगा भी उल्टा रहा।
इस पर सचिव रमेश शर्मा और रोजगार सहायक शंकर सिंह ने कोई सुधार करने का प्रयास नहीं किया, बल्कि वीडियो बनाने से मना किया। वहीं इस मामले में किशनगढ़ थाना प्रभारी वीरेंद्र रैकवार से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।