सत्ताधारी दल के एक पूर्व सांसद घर वापसी के लिए बेताब दिख रहे हैं। उन्होंने बगावत कर पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि वे हार गए थे। हाल ही में वे संसद के सत्र के दौरान दिल्ली पहुंचे और नेताओं से मेल-मुलाकात की।
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इतना ही नहीं अपनी ओर ध्यान बटोरने के लिए उन्होंने पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले एक नेता की रील सोशल मीडिया पर शेयर की। सुना है कि नेता जी घर वापसी के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं, लेकिन, भोपाल से मामला नहीं जम पा रहा है। इसलिए दिल्ली जाकर जुगाड़ जमा रहे हैं।
जिला अध्यक्ष के लिए दिग्गजों की दावेदारी सुना है विरोधी दल में कई बड़े नेता जिला अध्यक्ष बनने की लाइन में खड़े हो गए हैं। इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कई विधायकों के नाम शामिल हैं। इतना ही नहीं एक पूर्व सीएम के बेटे ने भी दावेदारी की है। भाजपा अब चुटकी ले रही है कि ये नेता अब मंत्री-सांसद बनने से रहे..,तो जो पाया सो सही…।

तेज चल रहे विरोधी दल के विधायक जी विरोधी दल ने इन दिनों वोट चोरी के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। एमपी में भी नेताओं से कहा गया है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का डेटा तैयार कर प्रदेश कार्यालय भेजें। लेकिन मालवा क्षेत्र के एक युवा विधायक ने इसे पार्टी को भेजने की बजाय सार्वजनिक कर दिया।
अब दूसरे नेता भी ऐसा करने लगे हैं। इससे पार्टी की एक साथ गड़बड़ी उजागर करने की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।

सत्ताधारी दल की लेडी लीडर के घर अंतर्कलह सत्ताधारी दल की एक कद्दावर लेडी लीडर के घर में अंतरकलह की खबरें जोरों पर हैं। लीडर ने अपने ही परिवार के दो बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी उठाई थी। अचानक उन्होंने दोनों बच्चों को खुद से दूर कर परिवार के हवाले कर दिया है।
अचानक हुए इस फैसले के बाद उनके इलाके में चर्चा है कि परिवार में कुछ लोगों की नजर बच्चों के नाम बेशकीमती संपत्ति पर है। कहा जा रहा है कि इसी वजह से लेडी लीडर ने बच्चों को वापस भेजकर ‘अपने सामान की स्वयं सुरक्षा करें’ की लाइन पर काम शुरू किया है।

विधायक बोलीं- 52 मिनट का है राष्ट्रगान बुंदेलखंड क्षेत्र से सत्ताधारी दल की एक महिला विधायक ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान कहा कि अगर हम लोग अच्छे से राष्ट्रगान करें तो ये राष्ट्रगान 52 मिनट का होता है। इस पर मीडियाकर्मियों ने पूछा कि 52 मिनट या सेकेंड? तो एमएलए मैडम ने फिर कहा- 52 मिनट का है।
इसके बाद आवाज आई कि आपको विधायक किसने बना दिया। तो वे बोलीं- मोदी जी ने। मैडम बुंदेलखंड के उस जिले से विधायक हैं, जहां मौजूदा सरकार में दो-दो मंत्री हैं।

पूर्व मुखिया को घर में घेरने की तैयारी रूलिंग पार्टी के एक पुराने मुखिया को घर में घेरने की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी ने जिलों की टीम बनाने के पहले स्टेट लेवल से नेताओं को जिलों में इंचार्ज बनाकर भेजा है। इसमें पुराने मुखिया के क्षेत्र में ऐसे नेताओं को भेजा गया है, जो उनके विरोधी माने जाते हैं।
इलाके में ऐसी चर्चा है कि जिनका प्रदेश में सिक्का चलता था, अब शायद जिले की टीम में भी उनकी पसंद को महत्व न मिले। प्रभारी नेताओं की मेल-मुलाकातों की तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रही हैं।
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