नाक के नीचे नशा: 7 साल से बंद पड़े घर के लिए 1 घंटे में लगा दिया मीटर – Bhopal News

नाक के नीचे नशा:  7 साल से बंद पड़े घर के लिए 1 घंटे में लगा दिया मीटर – Bhopal News



पहले जो अफसर हस्ताक्षर से इनकार कर रहे थे, उन्हीं के साइन से लगा था कनेक्शन

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बैरसिया रोड स्थित जगदीशपुरा में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री (मकान) रिश्वत के दम पर रोशन हुई थी। पैसे के आगे फुर्ती ऐसी कि बिजली मीटर की राशि जमा कराए बिना ही मीटर जारी हो गया और कुछ ही घंटों में लगा दिया गया। हैरानी की बात ये है कि जिन अफसरों ने पहले जिस घर में बिजली कनेक्शन देने से इंकार कर दिया था, उनके ही दस्तखत से फाइल बिना फील्ड वेरिफिकेशन के अप्रूव हो गई।

दरअसल, ये मकान 7 साल से बंद पड़ा था। बिजली के बिना ड्रग्स तैयार करना संभव नहीं था। इसलिए कनेक्शन के लिए फुर्ती दिखाते हुए पैसे भी फेंके गए। मकान गंजबासौदा निवासी रज्जाक खान ने पिता अब्दुल खान ने जहांगीराबाद निवासी एक सबीहा खान से खरीदने का एग्रीमेंट जुलाई 2025 में किया था।

इस 600 वर्गफीट के घर में बिजली कनेक्शन लेने के लिए उसमें 1 अगस्त को ऑफलाइन आवेदन किया। इसके बाद 3 अगस्त को इस आवेदन को ऑनलाइन चढ़ाया गया। 14 अगस्त को फाइल लाइनमैन इरफान और उसके बाद जूनियर इंजीनियर राजेश यादव के पास से साइन होते ही कुछ ही घंटों में मीटर लगा दिया गया।

कनेक्शन देने के लिए कागजों में सब कुछ ठीक कर दिया

ऐसी गड़बड़ी … अवैध कॉलोनी को वैध बताया, ट्रांसफार्मर भी पास किया

1 बिजली कर्मचारियों को रिश्वत की राशि मिलने के बाद उन्होंने 100 मीटर से ज्यादा दूरी पर लगे एक ट्रांसफॉर्मर से बिजली केबल को जोड़ दिया। जबकि नए कनेक्शन के दस्तावेज की फाइल में इसे 45 मीटर दूर होना बताया।

2 हैरानी की बात ये है कि जिस गुलफाम कॉलोनी (अवैध कॉलोनी है) उसे नए कनेक्शन देने के लिए लीगल और डेवलप कॉलोनी बताया गया है। 3 किलोवॉट का कनेक्शन जारी कर दिया गया। हालांकि ये अस्थाई कनेक्शन 90 दिन के लिए था।

प्रॉपर्टी ब्रोकर ने बिजली दफ्तार के कर्मचारियों को दिए पैसे, पुलिस अब सभी से करेगी पूछताछ सूत्रों के मुताबिक कनेक्शन के लिए 70 हजार रुपए से ज्यादा की रिश्वत दी गई। पैसा मकान बिकवाने वाले प्रॉपर्टी ब्रोकर अबरार खान के जरिए बिजली दफ्तर में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीना और नए बिजली कनेक्शन जारी करने वाले नीरज भारती तक पहुंची।

उन्होंने 14 अगस्त को फाइल को तत्काल लाइनमैन इरफान खान के पास लेकर गया। यहां से हाथों-हाथ फाइल पर साइन कराए। इसके बाद जूनियर इंजीनियर राजेश यादव से साइन कराए गए। उसके एक घंटे के भीतर ही मीटर रज्जाक के घर लगा दिया गया। पुलिस अब बिजलीकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है।

जेई बोले…. मुझे नहीं पता चला इसलिए साइन किए, पता चलते ही थाने पहुंचा ^कर्मचारियों ने रिश्वत लेकर इस कारनामे को अंजाम दिया है। जिस घर में कनेक्शन नहीं देने के लिए मैंने कहा था, उसमें भी इतनी तेजी से बिना पैसे मीटर के जमा कराए कनेक्शन जारी कर दिया गया। जानकारी लगते ही मैंने थाने में लिखित सूचना दी है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। मुझसे गलती से फाइल पर साइन करा लिए गए। मुझे लगा कि लाइनमैन ने साइन कर दिए हैं। इसलिए सब ठीक ही होगा। ये सोचकर अनुमति दे दी गई। – राजेश यादव, जूनियर इंजीनियर ईटखेड़ी बिजली दफ्तर



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