इंदौर के चंदन नगर में पार्षद फातमा रफीक खान का गलियों के नाम बदलकर बोर्ड लगाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कांग्रेस ने बीजेपी और महापौर पर आरोप लगाए हैं। मांग की है कि निगम अधिकारियों और निजी एजेंसी पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
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भाजपा के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सांप्रदायिक रंग देकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
बता दें, मामले में महापौर ने पार्षद पर FIR कराने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिए हैं।
महापौर बिगाड़ रहे शहर का माहौल मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि इंदौर नगर निगम और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति के मोहरे बनकर शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं।
चंदन नगर जैसी मुस्लिम बाहुल्य आबादी वाले क्षेत्र में केवल नागरिक सहूलियत के लिए पार्षद रफीक खान ने वर्ष 2024 में मार्ग संकेतक लगाने की मांग तत्कालीन इंदौर नगर निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह से की थी।
निगम अधिकारियों द्वारा 8 माह पूर्व संकेतक लगाए गए थे। जब यह मांग की गई थी तब भी इंदौर नगर निगम अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे थे। जिन्होंने सिटी इंजीनियर को मार्ग संकेतक लगाने के विधिवत निर्देश जारी किए थे।
असलियत यह है कि लगाए गए मार्ग संकेतकों पर वही पुराने और प्रचलित नाम लिखे गए हैं, जिनसे चंदन नगर और उसकी गलियां दशकों से पहचानी जाती हैं। इसमें किसी प्रकार का नाम परिवर्तन नहीं किया है।
कांग्रेस बोली-महापौर की टीम निगम अधिकारियों और एजेंसी को बचाने में लगी कांग्रेस ने कहा कि वह पार्षद रफीक खान के साथ खड़ी है और इस पूरे बनावटी प्रकरण मे भाजपा व महापौर की घिनौनी राजनीति उजागर हो चुकी है। भ्रष्टाचार से घिरा इंदौर नगर निगम इस पूरे प्रकरण में दोषी अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे, इंजीनियर वैभव देवलासे और ठेकेदार संजय शर्मा को बचाने के लिए क्षेत्रीय पार्षद पर दोषारोपण कर रहे हैं।
चंदन नगर की पार्षद के पति रफीक खान कहना है कि
यह संकेतक केवल जनता की सुविधा के लिए लगाए हैं। इसमें मेरा किसी प्रकार का व्यक्तिगत दखल नहीं है। निगम अधिकारियों ने अपने स्तर पर इन्हें लगाया था। महापौर चाहें तो खुद मौके पर जाकर देख सकते हैं कि लगाए गए नाम वही हैं जो चंदन नगर की पहचान रहे हैं। मार्ग संकेतक इंदौर नगर निगम द्वारा निजी एजेंसी जिसे नगर निगम द्वारा मार्ग संकेतक लगाए जाने को लेकर अनुबंधित किया गया है उसके द्वारा ही लगाए गए है जिसमे मेरा कोई दखल नहीं है।

25 सालों में कॉलोनी को वैध तक नहीं करा पाए भाजपा और महापौर 25 वर्षों में चंदन नगर कॉलोनी को वैध नहीं करा पाए। न तो कॉलोनी की रजिस्ट्री हुई और न ही गजट में नाम सम्मिलित किया गया। लेकिन, नगर निगम टैक्स पूरे तरीके से वसूला जा रहा है। असल विकास कार्य करने में असफल भाजपा अब नाम बदलने और साम्प्रदायिक राजनीति कर रही है।
तत्काल ठेका निरस्त कर, कार्रवाई करें कांग्रेस ने प्रवक्ता चौरसिया ने मांग है है कि निगम अपर उपायुक्त नरेंद्र नाथ पांडे एवं इंजीनियर वैभव देवलासे पर तत्काल FIR दर्ज की जाए। जिस निजी कंपनी को मार्ग संकेतक लगाने का ठेका दिया गया था, उसने नगर निगम के नियमों का घोर उल्लंघन किया है।
ठेकेदार पर भी FIR दर्ज कर उसका ठेका तत्काल निरस्त किया जाए, उसके सभी भुगतान रोके जाएं तथा जो अरनेस्ट मनी/जमानत राशि इस एजेंसी ने निगम में जमा कराई थी उसे राजसात कर निगम को हानि से बचाया जाए।
भविष्य में इस तरह की लापरवाही एवं सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली निजी एजेंसियों को किसी भी कार्य का ठेका न दिया जाए। चंदन नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने के षड्यंत्रकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।