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Hartalika Teej Bhog Recipe: हरियाली तीज पर बघेलखंड में माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा के समय विशेष मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है. यह मिठाई ऊर्जा का भंडार भी है. जानें विधि…
परंपरा और स्वाद का संगम
स्थानीय परंपरा के मुताबिक, हरतालिका तीज पर बनाई जाने वाली खुरमी मिठाई का विशेष महत्व है. पूजा के बाद इसे भगवान शिव-पार्वती को अर्पित किया जाता है और फिर व्रती महिलाएं इसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण करती हैं. लोकल 18 से स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी बताती हैं, खुरमी तीज के व्रत के अगले दिन जरूर खाई जाती है. पूजा में भी इसका भोग लगाया जाता है. अलग-अलग घरों में इसे बनाने के तरीके भले ही बदल जाते हैं, लेकिन मिठास और भाव वही रहता है.
खुरमी बनाने की विधि बेहद सरल है. एक कटोरी आटे या मैदे में चीनी या गुड़ का घोल मिलाकर पेस्ट तैयार किया जाता है. मिश्रण को कुछ देर रखने के बाद बेलकर चाकू से त्रिकोण या चौकोर आकार में काट लिया जाता है. इसके बाद धीमी आंच पर तेल में तलकर हल्का सुनहरा होने तक सेंका जाता है. कुरकुरी खुरमी त्योहार की शान मानी जाती है और यह लंबे समय तक सुरक्षित भी रहती है.
त्योहार का अभिन्न हिस्सा
बघेलखंड की रसोई में खुरमी सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान है. हरियाली तीज जैसे धार्मिक पर्व पर इसे भोग के रूप में चढ़ाने के साथ ही परिवार और समाज में बांटा जाता है. इस मिठास से न सिर्फ त्योहार का महत्व बढ़ता है बल्कि लोगों के बीच अपनत्व और परंपरा की डोर भी मजबूत होती है.