आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और घर पर बाघ की खाल रखने के मामले में आखिरकार आदिम जाति विभाग जबलपुर में पदस्थ डिप्टी कमिश्रर जगदीश सरवटे ने शनिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट से ही उसे जेल भेज दिया गया है। करीब एक माह से फरार चल रहे जगदीश सरवट
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इस तरह से फरार हो गया था सरवटे
- जबलपुर ईओडब्ल्यू ने जुलाई में सरवटे के रामपुर शंकर शाह नगर स्थित शासकीय एवं आधारताल स्थित आवास में छापा मारा था।
- पैतृक आवास में जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को बाघ की खाल मिली थी।
- वन विभाग को बुलाकर केस उन्हें सौंप दिया गया।
- बाघ की खाल पर बैठकर जगदीश की मां सावित्री और घरवाले पूजा किया करते थे।
- वन विभाग ने जगदीश की मां को हिरासत में लिया और पूछताछ की।
- सावित्री ने बताया कि ससुर जो कि मंडला में रहते थे, उन्होंने तीस साल पहले यह बाघ की खाल दी थी।
- रक्षाबंधन के दिन वन विभाग को को सूचना मिली कि सरवटे कार्यालय में आया है।
- पकड़ने के लिए दबिश दी गई थी, लेकिन वह नहीं मिल पाया।
होटल, रिसोर्ट का भी मालिक है सरवटे जगदीश सरवटे के घर जब ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की तो वह चर्चा में आ गया। आरोपी ने जबलपुर में दो, सागर और भोपाल में भी आलीशान घर बना रखा था। उसके रामपुर और भोपाल स्थित बंगले से मंहगी शराब भी जब्त हुई थी।
ईओडब्ल्यू ने जांच की तो छह करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का पता चला। भोपाल के बाग मुगलिया में आवास, कान्हा में रिसोर्ट, मंडला में होटल और बांधवगढ़ में भी संपत्ति का पता चला था।