जब असम से बहनोई आया तो उनको पहचान कर जावेद गले से लिपट गया।
11 दिन पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता हावड़ा से लापता हुआ कॉल सेंटर (BPO) का कर्मचारी ग्वालियर में मिल गया है। कॉल सेंटर कर्मचारी मानसिक तनाव में ट्रेन में बैठकर ग्वालियर आ पहुंचा था। भूख-प्यास से वह अपनी सुधबुध खो बैठा था। 20 अगस्त को वह घूमता हुआ पुलि
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पुलिस टीम ने जावेद को इस तरह से विदाई दी।
तीन दिन पहले सिटी सेंटर में मिला था युवक सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान एवं थाना प्रभारी विश्वविद्यालय रविन्द्र कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले हमारी टीम जब रात को गश्त कर रही थी तो सिटी सेंटर इलाके में उक्युत वक घूमता हुआ मिला था। इसकी भाषा बिल्कुल भी आसपास की नहीं थी। पुलिस युवक को थाने ले गई और पूछताछ की तो उसने अपना नाम जावेद हुसैन बताया, लेकिन वह कहां से आया है और क्या करता है यह नहीं बता पा रहा था। उसकी बातों से साफ झलक रहा था कि वह मानसिक रूप से दिव्यांग है। इसके बाद उसे आश्रम स्वर्ग सदन भेज दिया गया था। यहां आश्रम के संचालक विकास गोस्वामी ने जावेद से बातचीत शुरू की। युवक की काउंसलिंग की गई तो से सब कुछ याद आ गया। उसने बताया कि वह कोलकाता की एक कॉल सेंटर कंपनी में काम करता है। इसके बाद पुलिस ने जावेद को कोलकाता भिजवा दिया।