विदेशी गांजे के तस्करों के लिए कैसे बुना जाल: डीआरएम से कहा था- ड्रग तस्करों के पकड़े जाने तक राजधानी एक्सप्रेस को रोके रखना – Bhopal News

विदेशी गांजे के तस्करों के लिए कैसे बुना जाल:  डीआरएम से कहा था- ड्रग तस्करों के पकड़े जाने तक राजधानी एक्सप्रेस को रोके रखना – Bhopal News


कोच ए-1 में सीट 20-22 पर बैठे दोनों तस्कर हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) साथ लेजा रहे थे

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पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज के खराब डिजाइन के चलते जिन ​इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया था, उन्हें राज्य सरकार ने आरोप पत्र थमा दिए गए हैं। इन आरोप पत्र में प्रत्येक इंजीनियर को उनके कार्यकाल के दौरान किस तरह की गलती की गई, उसमें लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार बताया है। जवाब 15 दिन में देने का कहा गया है।

किस इंजीनियर को किस बात के लिए ठहराया जिम्मेदार

  • एमपी सिंह : 16 मार्च 2018 से 31 दिसंबर 2023 तक सेतु परियोजना में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रहे। 16 दिसंबर 2021 को डिजाइन सेल के रूप में साइन किए।
  • शबाना रज्जाक : 25 फरवरी 2019 से 2 जनवरी 2025 तक ब्रिज सर्किल में रहीं। 16 दिसंबर 2021 को बनी जीएडी पर 16 अगस्त 2024 को डिजाइन पर साइन किए।
  • संजय खांडे : पीडब्ल्यूडी सेतु सर्किल भोपाल में चीफ इंजीनियर के पद पर 31 दिसंबर 2020 से 15 मार्च 2024 तक पदस्थ रहे। इनके कार्यकाल में जनरल अलाइनमेंट डिजाइन पर तीन बार हस्ताक्षर किए गए।
  • जावेद शकील: पीडब्ल्यूडी के सेतु संभाग भोपाल में 24 अगस्त 2020 से 6 जून 2025 तक रहे। इन्होंने सभी जीएडी को चेक किए बिना उस पर काम पूरा कराया।
  • शानुल सक्सेना : सेतु सर्किल भोपाल में असिस्टेंट इंजीनियर डिजाइन रहीं। चार बार इन्होंने डिजाइन पर हस्ताक्षर किए।
  • जीपी वर्मा: यह 15 मार्च 2024 से 28 जून 2025 तक पदस्थ रहे। इन्होंने 16 अगस्त 2024 को जीएडी पर हस्ताक्षर किए।



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