जबलपुर में गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो गई है। विघ्नहर्ता को घरों में स्थापित करने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त, बुधवार को मनाई जाएगी।
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बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। शीतलामाई, कांचघर, घमापुर, गढ़ा और सदर जैसे इलाकों में गणेश मूर्तियों की दुकानें सज चुकी हैं। मूर्तिकार अपनी कला को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि भक्तों को बेहतरीन प्रतिमाएं मिल सकें।
इस बार पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। घरों में बच्चे और बड़े मिलकर मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है।
जबलपुर की मूर्तिकला की ख्याति आसपास के शहरों में भी है। गोटेगांव श्रीधाम से आए अजीत गुप्ता ने बताया कि वे 35 सालों से यहीं से मूर्तियां खरीद रहे हैं। यहां के कलाकारों की कला बहुत ही अनोखी और निराली है, इसीलिए हम हर साल यहीं से मूर्तियां ले जाते हैं।
गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी।
गोकलपुर में स्थापित होगी 15 फीट ऊंची प्रतिमा
मूर्तिकार विनोद प्रजापति ने बताया कि मेरी प्राथमिकता स्थानीय मांग को पूरा करना है। पिछले डेढ़ महीने में हमने 20 बड़ी मूर्तियां तैयार की हैं। इनमें सबसे बड़ी 15 फीट की प्रतिमा है, जो गोकलपुर में स्थापित होगी। हमारे पास मूर्तियों की कीमत 5,000 से लेकर 65,000 रुपए तक है।