Cheteshwar Pujara Retirement: भारतीय क्रिकेट में संन्यास की होड़ मची हुई है. रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के चर्चे थमे नहीं थे कि एक और दिग्गज ने संन्यास का ऐलान किया. ये कोई और नहीं बल्कि चेतेश्वर पुजारा थे जो कई महीनों से सेलेक्टर्स के रडार में नहीं थे. उन्होंने खुलासा किया है कि आखिर उन्होंने ये फैसला क्यों किया. उन्होंने अपनी कुछ पुरानी यादों को भी शेयर किया.
15 साल चला करियर
चेतेश्वर पुजारा टीम इंडिया के लिए टेस्ट फॉर्मेट में एक महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं. उन्होंने कई बहुमूल्य मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से विरोधी टीमों के छक्के छुड़ा डाले. हालांकि, कई महीनों से 37 साल के पुजारा सेलेक्शन कमेटी के रडार में नहीं थे. कई युवा खिलाड़ियों को टेस्ट में खेलने का मौका मिल गया. कुछ ऐसा ही हाल अजिंक्य रहाणे का भी रहा. पुजारा ने आखिरकार 15 साल पुराने करियर पर विराम लगा दिया है. उन्होंने अपने करियर के बारे में कुछ खास बातें पत्रकारों से साझा की.
क्या बोले पुजारा?
एएनआई के अनुसार पुजारा ने कहा, ‘ये प्लान एक हफ्ते से चल रहा था. मैं पिछले कुछ सालों से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं था. लेकिन अब मुझे लगा कि यह सही समय है क्योंकि युवा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में मौका मिला है, इसलिए मैंने यह फैसला लिया. जब आप इतना बड़ा फैसला लेते हैं, तो आप अपने परिवार और अपने सबसे बड़े खिलाड़ियों से बात करने के बाद ही यह फैसला लेते हैं. इसलिए मैंने सभी से सलाह-मशविरा किया और फिर मैंने फैसला किया कि आगे बढ़ना जरूरी है.’
ये जीत सबसे यादगार
पुजारा ने अपने करियर में सबसे खास जीत के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मेरे पास बहुत सारी यादें हैं, लेकिन जैसा आपने कहा 2018 का ऑस्ट्रेलियाई दौरा जब भारतीय टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती थी. वह सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण सीरीज थी. उसके बाद 2021 में हमने अपनी कमजोर टीम के साथ ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सीरीज जीती, इसलिए वे दोनों सीरीज़ बहुत यादगार रहीं.’
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कैसा रहा करियर?
पुजारा ने साल 2010 में टीम इंडिया में टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने 103 टेस्ट मैच में 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए. जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं. साल 2023 में टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर किया गया. हालांकि, पुजारा ने वापसी करने के लिए काउंटी से लेकर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब नहीं हो सके.