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Ganesh Chaturthi 2025: जबलपुर के बाजार में इन दिनों गणेश चतुर्थी 2025 को लेकर धूम है. अजब गजब मूर्तियां लोगों को खूब लुभा रही है.

गणेश चतुर्थी 2025 की शुरुआत होने जा रही है. ऐसे में देश ही नहीं मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही है, जहां बाजार पूरी तरह से सच चुके हैं. जहां बड़ी संख्या में भक्त गणेश मूर्तियां लेने मार्केट में पहुंच रहे हैं.

जबलपुर की इन मार्केट में गणेश मूर्तियों की धूम है. जहां मूर्तियों की कई वैरायटी देखने को मिल रही हैं. कहीं महाराष्ट्र पैटर्न में गणेश मूर्तियां, कहीं सुपारी गणेश तो कहीं बाल गणेश की छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियों के साथ इको फ्रेंडली मूर्तियां भक्तों को काफी आकर्षित कर रही हैं.

जबलपुर के फुहारा बाजार, मालवीय चौक, तुलाराम चौक, छोटा फुहारा, छोटी लाइन फाटक, गोरखपुर, सदर, रांझी और अधारताल में छोटी मूर्तियां भक्त खरीदना पसंद कर रहे हैं. जहां मार्केट में 101 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक की छोटी मूर्तियां आकर्षक का केंद्र बनी हुई है.

इसी तरह बड़ी मूर्तियां शीतलामाई और हनुमानताल में बनाई जा रही है. जहां अब कलाकारों ने गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अब गणेश प्रतिमाएं शहर के अनेक स्थानों में विराजमान होगी. पंडालों में दो से लेकर 18 फीट तक ऊंची गणेश की प्रतिमाएं नजर आएंगी.

जहां झूले में बैठे गणेश होंगे तो कहीं ज्ञान की मुद्रा में बैठे गणपति के साथ ही बाल स्वरूप में गणेश दिखाई देंगे. इतना ही नहीं सबसे ज्यादा ट्रेड में चल रही बाहुबली गणपति की मूर्ति को भी कलाकारों ने आकर दिया है.

कैदियों ने भी आकर्षक गणेश मूर्तियां बनाई है. जहां छोटी-छोटी मूर्तियां की खरीदारी के लिए सेंट्रल जेल परिसर के बाहर स्टाल लगाए गए हैं. यह मूर्तियां इको फ्रेंडली है. जिन्हें 51 रुपए से लेकर 201 रुपए के न्योछावर देकर खरीदा जा सकता है.

मूर्तियों के अलावा घर में छोटे पंडाल को सजाने के लिए भी चुनरी से लेकर झालर और कई वैरायटी की लटकने भी बाजार में उपलब्ध है. इतना ही नहीं थर्माकोल के चक्र सहित झांकी सजाने के लिए झूला और पलना भी मार्केट में उपलब्ध है. जो बेहद सुंदर और आकर्षक हैं, जिसकी कीमत 300 रूपए से लेकर 1 हजार रुपए तक है.

शहर में अलग-अलग स्वरूप में गणेश जी की मूर्तियों को तैयार किया गया है. सुपारी गणेश भी भक्त काफी पसंद कर रहे हैं. इसके अलावा मूर्तिकार रमेश प्रजापति ने बताया अलग-अलग पैटर्न में इस बार मूर्तियों को तैयार किया गया है, जो भक्तों को काफी पसंद आ रही है.