सीधी जिले के धौहनी क्षेत्र के पर्यटन ग्राम पोखरा स्थित शासकीय हाईस्कूल में अव्यवस्था का आलम है। गांव वालों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अभिमन्यु सिंह कई दिनों से स्कूल नहीं आए। यहां सात टीचर्स की नियुक्ति होने के बाद भी सिर्फ गिनती के टीचर ही आते हैं।
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मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम स्कूल पहुंची। यहां सिर्फ चार टीचर ही मौजूद मिले। बाकी आराम फरमाते दिखे। इसके अलावा, यह विद्यालय केवल चार कमरों में संचालित है। बाकी का भवन जर्जर हो चुका है। इस स्कूल में 370 छात्र-छात्राएं हैं।
स्कूल में एक टीचर पढ़ा रहे थे। वहीं, दो टीचर स्टाफ रूम में आराम से बैठे मोबाइल चला रहे थे।
बच्चों के लिए न टाट-पट्टी, न ब्लैकबोर्ड विद्यालय की स्थिति इतनी बदहाल है कि बच्चों के बैठने के लिए टाट-पट्टी तक नहीं है। ब्लैकबोर्ड तक गायब हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मेंटेनेंस का पैसा भी स्कूल स्टाफ ने गबन कर लिया। नतीजतन, बच्चे चार कमरों में ठूंस दिए जाते हैं। एक ही शिक्षक कई कक्षाओं को पढ़ाने को मजबूर हैं।
शिक्षक उमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मैं पढ़ रहा हूं। बाकी के तीन स्टाफ ऑनलाइन का काम कर रहे हैं। अभिमन्यु सिंह प्राचार्य के बारे में पूछा गया, तब बताया कि अभिमन्यु सिंह आखिरी बार 15 अगस्त को आए थे। उसके बाद से आना नहीं हुआ है।

शौचालयों पर ताले, बच्चे जंगल जाने को मजबूर
स्कूल में बने शौचालयों पर ताले लटके रहते हैं। बालक और बालिका दोनों शौचालय बंद पड़े हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को जंगल में शौच करने जाना पड़ता है। इस गंभीर समस्या पर भी प्राचार्य और स्टाफ ने कभी ध्यान नहीं दिया।
गांव के इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उनके बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन यहां शिक्षा नाम मात्र की है। प्रधानाध्यापक क्षेत्र का दबंग है, इसलिए कोई अधिकारी उस पर कार्रवाई नहीं करता।
धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम भी इस अव्यवस्था की शिकायत कलेक्टर और अधिकारियों से कर चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने प्रधानाध्यापक का ट्रांसफर भी करवा दिया था, लेकिन अभिमन्यु सिंह ने हाई कोर्ट से स्टे लेकर आ गए।
विभाग ने टाली जिम्मेदारी
वहीं, प्रभारी प्राचार्य गेंदलाल सिंह ने बताया कि प्राचार्य अभिमन्यु सिंह चार-पांच दिन पहले आए थे, उसके बाद नहीं आए। लगता है, उनकी तबीयत खराब है।
जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त जे.एस. उइके ने कहा कि उनकी नियुक्ति को एक महीना हुआ है। पहली बार यह शिकायत मिली है। अब जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।