छिंदवाड़ा में अब तक 31.45 इंच बारिश: सामान्य से 10 इंच कम; उमस के बीच तापमान 30 डिग्री पहुंचा, कई क्षेत्रों की बिजली गुल – Chhindwara News

छिंदवाड़ा में अब तक 31.45 इंच बारिश:  सामान्य से 10 इंच कम; उमस के बीच तापमान 30 डिग्री पहुंचा, कई क्षेत्रों की बिजली गुल – Chhindwara News



छिंदवाड़ा जिले में इस साल मानसून की रफ्तार धीमी रही है। 1 जून से 27 अगस्त 2025 तक जिले में औसतन 798.8 मिमी यानी 31.45 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 1059 मिमी (41.69 इंच) मानी जाती है। यानी अब तक जिले में 10.24 इंच बारिश कम हुई है। पिछले व

.

मौसम सुहावना हुआ, लेकिन बिजली सप्लाई रही बाधित

लगातार बारिश के कारण जिले का मौसम सुहावना हो गया है। अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।

हालांकि, बारिश के कारण कई ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। आंधी और पानी के चलते खंभे गिरने और तार टूटने से कई स्थानों पर घंटों अंधेरा छाया रहा। छिंदवाड़ा शहर में भी रविवार रात तेज बारिश और हवा के चलते बिजली बाधित हुई, जिसे ठीक करने में बिजली विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

24 घंटे में 0.46 इंच बारिश

27 अगस्त की सुबह 8 बजे तक समाप्त 24 घंटों में जिले में औसतन 11.8 मिमी यानी 0.46 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान तहसीलवार बारिश इस प्रकार रही:

  • छिंदवाड़ा – 16 मिमी (0.63 इंच)
  • मोहखेड़ – 21.2 मिमी (0.83 इंच)
  • तामिया – 2 मिमी (0.08 इंच)
  • अमरवाड़ा – 12.2 मिमी (0.48 इंच)
  • चौरई – 2 मिमी (0.08 इंच)
  • हर्रई – 3 मिमी (0.12 इंच)
  • बिछुआ – 44 मिमी (1.73 इंच)
  • परासिया – 2.1 मिमी (0.08 इंच)
  • चांद – 28 मिमी (1.10 इंच)

अब तक का तहसीलवार बारिश का आंकड़ा (एक जून से अब तक)

  • हर्रई – 1110.7 मिमी (43.73 इंच)
  • तामिया – 872 मिमी (34.33 इंच)
  • चांद – 838.1 मिमी (32.99 इंच)
  • जुन्नारदेव – 801 मिमी (31.53 इंच)
  • अमरवाड़ा – 815.4 मिमी (32.10 इंच)
  • मोहखेड़ – 792.9 मिमी (31.22 इंच)
  • बिछुआ – 786.8 मिमी (30.98 इंच)
  • उमरेठ – 765.9 मिमी (30.15 इंच)
  • चौरई – 734 मिमी (28.90 इंच)
  • छिंदवाड़ा – 683.8 मिमी (26.92 इंच)
  • परासिया – 620.7 मिमी (24.45 इंच)

खरीफ की फसलें हो सकती हैं प्रभावित

अब तक समय-समय पर हुई वर्षा से फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन यदि सितंबर में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ की फसलें प्रभावित हो सकती हैं। कृषि विभाग और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सतर्कता बरती जा रही है।



Source link